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कानपुर में बाढ़ पीड़ितों को बांटी गई एक्सपायर्ड कफ सिरप, कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने से मचा हड़कंप

कानपुर के बाढ़ प्रभावित मायापुरम में राहत सामग्री के तौर पर एक्सपायर हो चुकी कफ सिरप बांटे जाने का मामला सामने आया है. सिरप पीने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आई है. स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

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उत्तर प्रदेश के कानपुर में बाढ़ की मार झेल रहे परिवारों के लिए राहत के नाम पर बांटी गई दवाओं को लेकर गंभीर मामला सामने आया है. जिले के मायापुरम इलाके में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लोगों को बांटी गई कफ सिरप की बोतल कथित तौर पर जुलाई 2026 में ही एक्सपायर हो चुकी थी. इस सिरप के सेवन के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायत भी सामने आई है. घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच नाराजगी और दहशत का माहौल है.

जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की एक टीम मायापुरम पहुंची थी. टीम ने बाढ़ प्रभावित करीब 20 परिवारों के बीच दवाएं बांटीं. इसी दौरान बच्चों के लिए कफ सिरप भी दी गई.

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लगातार बिगड़ने लगी बच्चों की सेहत

परिवारों का आरोप है कि सिरप की एक्सपायरी डेट पहले ही पूरी हो चुकी थी. एक चार साल के बच्चे ने सिरप लेने के बाद उल्टी शुरू कर दी. उसकी हालत बिगड़ती देख परिजन उसे तत्काल निजी डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे, जहां इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ.

इसी तरह तीन साल की उम्र के दो अन्य बच्चों ने भी वहीं सिरप पी थी और फिर वो भी बीमार पड़ गए. एक के बाद एक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया. इसके बाद कई परिवारों ने मिली हुई सिरप और अन्य दवाओं को फेंक दिया.

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लोगों ने दवाएं लेने से किया मना

मंगलवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम दोबारा मायापुरम पहुंची और दवाएं बांटने की कोशिश की, तो बाढ़ प्रभावित परिवारों ने उन्हें लेने से इनकार कर दिया. लोगों ने कहा कि जब राहत सामग्री में दी जा रही दवाओं की गुणवत्ता पर ही सवाल उठ रहे हैं, तो वे अपने बच्चों की सेहत को जोखिम में नहीं डाल सकते.

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एक बच्चे की मां ने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सिरप गलती से दिए जाने की बात स्वीकार की और इलाज के लिए 100 रुपये देने की पेशकश की. हालांकि, परिवार ने पैसे लेने से मना कर दिया. परिजनों ने सवाल उठाया कि अगर दवा खाने के बाद बच्चे की हालत और बिगड़ जाती या उसकी जान चली जाती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता?

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हैं और प्रशासन की ओर से राहत एवं स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं. ऐसे में राहत के तहत दी जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता और उनकी एक्सपायरी डेट को लेकर उठे सवाल प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं.

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First published on: Sep 09, 2026 02:26 PM

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