Char Dham Yatra: उत्तराखंड (Uttarakhand) में चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई। सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा हो चुकी है। इसी बीच उत्तराखंड सरकार ने यमुनोत्री धाम (Yamunotri Dham) की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक तोहफा दिया है। इससे पांच किमी वाली यात्रा अब चंद मिनटों में ही पूरी होगी।
167 करोड़ रुपये का एमओयू साइन
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि यमुनोत्री धाम हमारे राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है। दुनिया भर में इसकी मान्यता है। यमुनोत्री धाम से यात्रा कठिन होने के लिए जानी जाती थी। इसलिए यमुनोत्री रोपवे के लिए आज यानी गुरुवार को 167 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, ताकि पर्यटकों को यात्रा के दौरान समस्याओं का सामना न करना पड़े।
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पर्यटकों और यात्रियों को होगी बड़ी सुविधा
सीएम धामी ने बताया कि इस रोपवे से अब यात्रा की दूरी और समय काफी घट जाएगा, जो सुविधाजनक होगा। मुझे उम्मीद है कि विकास प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। इससे उन सभी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को लाभ होगा जो यमुनोत्री धाम जाते हैं।
पांच किमी की है कठिन पैदल यात्रा
जानकारी के मुताबिक यमुनोत्री धाम का मंदिर समुद्र तल से करीब 3300 मीटर की ऊंचाई पर है। चार धाम की यात्रा की शुरुआत यहीं से होती है। यात्रियों को करीब पांच किमी की पैदल की यात्रा करनी होती है। यहां काफी ऊंचाई के कारण ऑक्सीजन की मात्रा भी काफी कम होती है। सरकार ने इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए रोपवे बनाने का प्रस्ताव रखा है।
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Char Dham Yatra: उत्तराखंड (Uttarakhand) में चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई। सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा हो चुकी है। इसी बीच उत्तराखंड सरकार ने यमुनोत्री धाम (Yamunotri Dham) की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक तोहफा दिया है। इससे पांच किमी वाली यात्रा अब चंद मिनटों में ही पूरी होगी।
167 करोड़ रुपये का एमओयू साइन
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि यमुनोत्री धाम हमारे राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है। दुनिया भर में इसकी मान्यता है। यमुनोत्री धाम से यात्रा कठिन होने के लिए जानी जाती थी। इसलिए यमुनोत्री रोपवे के लिए आज यानी गुरुवार को 167 करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, ताकि पर्यटकों को यात्रा के दौरान समस्याओं का सामना न करना पड़े।
पर्यटकों और यात्रियों को होगी बड़ी सुविधा
सीएम धामी ने बताया कि इस रोपवे से अब यात्रा की दूरी और समय काफी घट जाएगा, जो सुविधाजनक होगा। मुझे उम्मीद है कि विकास प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। इससे उन सभी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को लाभ होगा जो यमुनोत्री धाम जाते हैं।
पांच किमी की है कठिन पैदल यात्रा
जानकारी के मुताबिक यमुनोत्री धाम का मंदिर समुद्र तल से करीब 3300 मीटर की ऊंचाई पर है। चार धाम की यात्रा की शुरुआत यहीं से होती है। यात्रियों को करीब पांच किमी की पैदल की यात्रा करनी होती है। यहां काफी ऊंचाई के कारण ऑक्सीजन की मात्रा भी काफी कम होती है। सरकार ने इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए रोपवे बनाने का प्रस्ताव रखा है।
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