राम मंदिर दान चोरी मामले में श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्योंकि अयोध्या बार एसोसिएशन के वकीलों ने आज थाना रामजन्मभूमि में शिकायत देकर इनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। आज अयोध्या के करीब 70-80 वकील एकजुट होकर 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए पुलिस स्टेशन पहुंचे और राम मंदिर दान चोरी मामले में शिकायत दर्ज कराई। वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की तो कोर्ट का रुख किया जाएगा।
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पुलिस के बैरिकेड तोड़कर थाने तक पहुंचे
अयोध्या के वकीलों ने आज चंपत राय के खिलाफ शिकायत देने का ऐलान किया था। इसके लिए वे एकजुट होकर थाने पहुंचे, लेकिन उन्हें रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने वकीलों से कानून व्यवस्था बनाए रखने को कहा। लेकिन वकीलों ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस स्टेशन की ओर बढ़े, ताकि चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा सकें। उन्होंने कार्रवाई न करने पर पुलिस को कोर्ट जाने की धमकी दी और कहा कि अगर शिकायत में दिए नामों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन शुरू करेंगे।
कोर्ट जाने और आंदोलन करने की धमकी
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल आज थाना रामजन्मभूमि पहुंचा और शिकायत देकर नामजद FIR दर्ज करने की मांग की। अगर पुलिस शिकायत पर कार्रवाई नहीं करेगी तो बार एसोसिएशन अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। पुलिस और आरोपियों के खिलाफ आंदोलन शुरू करेगा। क्योंकि राम मंदिर दान चोरी होने से वकीलों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने चंपत राय और अनिल मिश्रा का केस लड़ने से इनकार किया है और मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराए जाने की मांग पुलिस-सरकार से की है।
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योगी सरकार ने जांच की समयावधि बढ़ाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए योगी सरकार ने SIT को जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया है। अब जांच रिपोर्ट 15 जुलाई तक शासन को सौंपी जानी है। क्योंकि जांच एजेंसियों के अनुसार, दान से जुड़े दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, बरामद किए गए कैश और अन्य सबूतों की पड़ताल के बाद ही पूरा मामला सामने आएगा। SIT ने पहले आपराधिक पहलू से जांच करते हुए मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की। मंदिर की सिक्योरिटी और दान गिनने के सिस्टम को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है और अब प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है।
राम मंदिर दान चोरी मामले में श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्योंकि अयोध्या बार एसोसिएशन के वकीलों ने आज थाना रामजन्मभूमि में शिकायत देकर इनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। आज अयोध्या के करीब 70-80 वकील एकजुट होकर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए पुलिस स्टेशन पहुंचे और राम मंदिर दान चोरी मामले में शिकायत दर्ज कराई। वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की तो कोर्ट का रुख किया जाएगा।
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पुलिस के बैरिकेड तोड़कर थाने तक पहुंचे
अयोध्या के वकीलों ने आज चंपत राय के खिलाफ शिकायत देने का ऐलान किया था। इसके लिए वे एकजुट होकर थाने पहुंचे, लेकिन उन्हें रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस ने वकीलों से कानून व्यवस्था बनाए रखने को कहा। लेकिन वकीलों ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस स्टेशन की ओर बढ़े, ताकि चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा सकें। उन्होंने कार्रवाई न करने पर पुलिस को कोर्ट जाने की धमकी दी और कहा कि अगर शिकायत में दिए नामों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन शुरू करेंगे।
कोर्ट जाने और आंदोलन करने की धमकी
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल आज थाना रामजन्मभूमि पहुंचा और शिकायत देकर नामजद FIR दर्ज करने की मांग की। अगर पुलिस शिकायत पर कार्रवाई नहीं करेगी तो बार एसोसिएशन अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। पुलिस और आरोपियों के खिलाफ आंदोलन शुरू करेगा। क्योंकि राम मंदिर दान चोरी होने से वकीलों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने चंपत राय और अनिल मिश्रा का केस लड़ने से इनकार किया है और मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराए जाने की मांग पुलिस-सरकार से की है।
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योगी सरकार ने जांच की समयावधि बढ़ाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए योगी सरकार ने SIT को जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया है। अब जांच रिपोर्ट 15 जुलाई तक शासन को सौंपी जानी है। क्योंकि जांच एजेंसियों के अनुसार, दान से जुड़े दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, बरामद किए गए कैश और अन्य सबूतों की पड़ताल के बाद ही पूरा मामला सामने आएगा। SIT ने पहले आपराधिक पहलू से जांच करते हुए मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की। मंदिर की सिक्योरिटी और दान गिनने के सिस्टम को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है और अब प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है।