माता-पिता को खो देने का दर्द हर किसी के लिए बुरे सपने जैसा होता है, लेकिन ये कलयुग है, यहां कुछ भी हो सकता है. लखनऊ में एक ऐसी इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई, जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे. एक बेटे ने अपने पिता के शव को देखकर उनकी मौत का शोक मनाने की बजाय सबसे पहले कागज निकाले, ताकि वो ज़मीन पर कब्ज़ा करने के लिए उनके अंगूठे का निशान ले सके.
ये भी पढ़ें: ‘नहाया, कॉफी पी, डांस किया’, चोर ने चार घंटे शोरूम में की मस्ती; फिर ले भागा 5 लाख की बाइक
क्या है मामला?
ये मामला लखनऊ के खरावहा गांव का है, जहां जुलाई महीने में 75 साल के बुजुर्ग छत्रपाल की मौत के बाद उनके बेटों ने ये शर्मनाक हरकत की. अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. जानकारी के मुताबिक, 2023 में छत्रपाल को उनके बेटे महेंद्र और बहू लक्ष्मी ने उनके पुश्तैनी घर से उन्हें बाहर निकाल दिया था, जिसके बाद से वो अपनी बेटियों के साथ रह रहे थे. पीड़ित की बेटी सुमन ने बताया कि उनके भाई और भाभी उनके पिता को बार-बार परेशान करते थे. घर से निकाले जाने के बाद वो अपनी बेटियों पर ही आश्रित थे. परिवार के मुताबिक, छत्रपाल ने अपनी 6.5 बीघा में से एक-एक बीघा ज़मीन अपनी तीनों बेटियों के नाम कर दी.
इलाज के बहाने पिता को गांव लाया
छत्रपाल अपने बेटे और बहू से इस कदर नाराज़ थे कि उन्होंने अखबार में एक नाटिस जारी कर महेंद्र और उसकी पत्नी को चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर दिया . उनकी बेटी सुमन ने बताया कि 7 जुलाई को पिता की तबीयत बिगड़ने के बाद महेंद्र को जानकारी दी गई. खबर मिलते ही वो लखनऊ पहुंचे और पिता को ये कहते हुए गांव वापस ले आए कि वो उनका इलाज कराएंगे. लेकिन ठीक दो बाद 9 जुलाई को छत्रपाल की मौत हो गए. जब महेंद्र की बहनें वहां पिता के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचीं तो उनके साथ बदसलूकी की गई. लेकिन सब रिश्तेदार और गांव वाले ये देखकर हैरान रह गए कि महेंद्र अपनी पिता की डेड बॉडी के पास बैठकर खाली कागजों पर उनके अंगूठे का निशान लेते दिखा.
ये भी पढ़ें: लखनऊ में नौकरी का झांसा देकर मानसिक और शारीरिक शोषण, युवती ने SHO पर भी लगाए गंभीर आरोप