अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी और गबन मामले में जांच लगातार नए खुलासे कर रही है. पुलिस दस्तावेज़ों के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सबसे बड़ी नकदी अविनाश शुक्ला के पास से बरामद हुई है. वहीं सात आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर स्वीकार किया कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के समय चोरी और गबन किया गया था. हालांकि इन कबूलनामों की पुष्टि अदालत में होना बाकी है.
ये भी पढ़ें: राम मंदिर दान चोरी के आरोपियों का बॉयकॉट, अयोध्या बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला, क्या ट्रस्ट को मिलेगा नया CEO?
8 लोग गिरफ्तार
इस मामले में अयोध्या पुलिस ने अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाकांत मिश्रा, करूणेश पांडेय, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष कुमार यादव समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है. पुलिस दस्तावेज़ों के मुताबिक, अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में 20 लाख 39 हजार 220 रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, दो सोने की चेन, एक अंगूठी और चांदी जैसी धातु की एक वस्तु बरामद की गई. जांच में अब तक इसे सबसे बड़ी बरामदगी बताया जा रहा है.
कितनी रकम बरामद?
दस्तावेज़ों के मुताबिक, दूसरे आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने भी पूछताछ के दौरान कथित तौर पर चोरी और गबन की बात स्वीकार की. उसकी निशानदेही पर 16 लाख 82 हजार 40 रुपये बरामद किए गए. इसके अलावा लवकुश मिश्रा के पास से 14 लाख 25 हजार रुपये, रमाकांत मिश्रा के कब्जे से 7 लाख 32 हजार 170 रुपये और करूणेश पांडेय के पास से 18 लाख 7 हजार 63 रुपये बरामद होने का दावा पुलिस दस्तावेज़ों में किया गया है. वहीं मनीष कुमार यादव के पास से 2 लाख रुपये तथा राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से 1 लाख रुपये बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है.
मामले की जांच जारी
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और अविनाश शुक्ला की भूमिका को अहम मानकर जांच आगे बढ़ा रही हैं. एसआईटी कथित गबन के पूरे नेटवर्क, पैसों के इस्तेमाल और उससे जुड़ी संपत्तियों की भी जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि जांच के दायरे में मंदिर से जुड़े कुछ और पदाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं. जानकारी के मुताबिक पुलिस कार्रवाई से पहले मंदिर ट्रस्ट ने आरोपियों से कुछ रकम वापस भी ली थी. इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि ये राशि किन परिस्थितियों में लौटाई गई थी. एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट 10 जुलाई के बाद सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है. माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर कुछ और लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और आखिर निष्कर्ष एसआईटी की रिपोर्ट तथा अदालत की कार्यवाही के बाद ही साफ होंगे.
(Input By: Manas Srivastava)
ये भी पढ़ें: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़ा एक्शन, आठों आरोपियों के घर पुलिस-SIT की ताबड़तोड़ छापेमारी
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी और गबन मामले में जांच लगातार नए खुलासे कर रही है. पुलिस दस्तावेज़ों के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सबसे बड़ी नकदी अविनाश शुक्ला के पास से बरामद हुई है. वहीं सात आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर स्वीकार किया कि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के समय चोरी और गबन किया गया था. हालांकि इन कबूलनामों की पुष्टि अदालत में होना बाकी है.
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8 लोग गिरफ्तार
इस मामले में अयोध्या पुलिस ने अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाकांत मिश्रा, करूणेश पांडेय, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष कुमार यादव समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है. पुलिस दस्तावेज़ों के मुताबिक, अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में 20 लाख 39 हजार 220 रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, दो सोने की चेन, एक अंगूठी और चांदी जैसी धातु की एक वस्तु बरामद की गई. जांच में अब तक इसे सबसे बड़ी बरामदगी बताया जा रहा है.
कितनी रकम बरामद?
दस्तावेज़ों के मुताबिक, दूसरे आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने भी पूछताछ के दौरान कथित तौर पर चोरी और गबन की बात स्वीकार की. उसकी निशानदेही पर 16 लाख 82 हजार 40 रुपये बरामद किए गए. इसके अलावा लवकुश मिश्रा के पास से 14 लाख 25 हजार रुपये, रमाकांत मिश्रा के कब्जे से 7 लाख 32 हजार 170 रुपये और करूणेश पांडेय के पास से 18 लाख 7 हजार 63 रुपये बरामद होने का दावा पुलिस दस्तावेज़ों में किया गया है. वहीं मनीष कुमार यादव के पास से 2 लाख रुपये तथा राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से 1 लाख रुपये बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है.
मामले की जांच जारी
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और अविनाश शुक्ला की भूमिका को अहम मानकर जांच आगे बढ़ा रही हैं. एसआईटी कथित गबन के पूरे नेटवर्क, पैसों के इस्तेमाल और उससे जुड़ी संपत्तियों की भी जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि जांच के दायरे में मंदिर से जुड़े कुछ और पदाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं. जानकारी के मुताबिक पुलिस कार्रवाई से पहले मंदिर ट्रस्ट ने आरोपियों से कुछ रकम वापस भी ली थी. इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि ये राशि किन परिस्थितियों में लौटाई गई थी. एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट 10 जुलाई के बाद सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है. माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर कुछ और लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और आखिर निष्कर्ष एसआईटी की रिपोर्ट तथा अदालत की कार्यवाही के बाद ही साफ होंगे.
(Input By: Manas Srivastava)
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