सोशल मीडिया पर राजस्थान का एक वीडियो सामने आया, जिसमें BJP नेता ज्ञानदेव आहूजा को मंदिर का शुद्धिकरण करते हुए देखा गया। वीडियो के सामने आने के बाद से ही नेता की हर तरफ आलोचना होने लगी। दरअसल, इसके पहले दलित नेता टीकाराम जूली मंदिर में गए थे, जिसके बाद आहूजा ने शुद्धिकरण किया। इस पर BJP नेता ने इसे उचित ठहराते हुए कहा कि मंदिर को शुद्ध करना जरूरी था, क्योंकि रविवार को कुछ अशुद्ध लोग परिसर में घुस आए थे। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपने नेता के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया, साथ ही आहूजा के बयान से भी पार्टी ने किनारा कर लिया है।
‘कुछ अपवित्र लोग मंदिर में आ गए थे’
सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आया, उसमें ज्ञानदेव आहूजा मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करते दिख रहे हैं। छिड़काव के बाद वह मंदिर से बाहर आते हैं और इस पर बयान भी दिया। उन्होंने कहा कि यह भगवान राम का मंदिर है, इसे अपवित्र मत करो। मैंने अभी गंगाजल छिड़का है, क्योंकि कुछ अपवित्र लोग आ गए थे। दरअसल, उनका इशारा नेता प्रतिपक्ष की तरफ था।
जारी हुआ नोटिस
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के मंदिर जाने पर गंगाजल से शुद्धिकरण करके राजनीतिक बखेड़ा खड़ा हो गया है। भाजपा के सीनियर नेता ज्ञानदेव आहूजा को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही पार्टी ने उनके दिए बयान से भी खुद को अलग कर लिया है। पार्टी ने कहा कि इस तरह के बयान का पार्टी समर्थन नहीं करती है। ज्ञानदेव आहूजा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पार्टी ने लिखा है कि सदस्यता लेते वक्त किसी भी रूप में अस्पृश्यता (छुआछूत) को समर्थन नहीं करने की शपथ ली गई थी, जिसका उन्होंने उल्लंघन किया है। ऐसे में तुरंत प्रभाव से प्राथमिक सदस्यता से उन्हें निलंबित किया जाता है।