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Rajasthan Assembly Budget Session 2025: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को कोटा में कोचिंग छात्रों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों को लेकर जमकर बहस हुई। गौरतलब है कि इस साल सिर्फ 2 महीने में 7 छात्रों द्वारा सुसाइड किए जाने का मामला सामने आया है। अब सरकार ने इस मामले में एक नया बिल लाने का ऐलान किया है। बजट सत्र के दौरान कांग्रेस नेता शांति धारीवाल ने सरकार से सवाल किया कि जब केंद्र सरकार की गाइडलाइन के तहत कोचिंग संस्थानों में काउंसलर और साइकोलॉजिस्ट अनिवार्य किए जा चुके हैं, तो प्रदेश में कितने कोचिंग संस्थानों ने इस नियम का पालन किया है? क्या सरकार ने इसकी जांच के लिए अधिकारियों को भेजा है?
शांति धारीवाल के सवाल का जवाब देते हुए राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि जल्द ही कोटा, जयपुर और सीकर के कोचिंग सेंटर्स में साइकोलॉजिस्ट और काउंसलर की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी सरकार का विभाग अनुबंध पर उनकी नियुक्ति कर रहा है। हालांकि, उन्होंने माना कि इनकी संख्या काफी कम है। लेकिन जल्द ही कोचिंग सेंटर्स में छात्रों को तनाव से बाहर करने के लिए साइकोलॉजिस्ट और काउंसलर नियुक्ति बढ़ाई जाएगी।
जब शांति धारीवाल कोटा कोचिंग सेंटर को लेकर विधानसभा में प्रश्न कल के दौरान सवाल पूछ रहे थे तब सत्ता पक्ष की ओर से हंगामा किया गया। जिसके चलते सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोंकझोक भी हुई और विधानसभा अध्यक्ष को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।
नया बिल लाने की तैयारी में सरकार
वहीं, मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जवाब दिया कि राज्य सरकार एक नया बिल लाने की तैयारी कर रही है। इस बिल के कानून बन जाने के बाद कोचिंग संस्थानों में काउंसलर्स और साइकोलॉजिस्ट की नियुक्ति अनिवार्य की जाएगी। विधानसभा में बताया गया कि जब तक कोचिंग सेंटर पर बिल लाकर उसे पारित नहीं कर दिया जाता तब तक सरकार कोचिंग सेंटर के कामकाज में दखल नहीं दे सकती है। उन्होंने कहा कि हम कोचिंग संस्थानों में जाकर दादागिरी नहीं कर सकते। लेकिन, सरकार छात्रों की सुरक्षा के लिए गंभीर है और जल्द ही बिल लागू किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि अब तक 27,000 छात्रों की काउंसलिंग करवाई जा चुकी है और सरकार ने काउंसलर्स और साइकोलॉजिस्ट की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।
विधानसभा में सरकार के इस जवाब से विपक्ष को संतुष्टि नहीं मिली। इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा आत्महत्या करने की घटना लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन हमें इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने नहीं दिया जा रहा। इसके बाद सरकार ने आश्वासन दिया कि 23 मार्च तक नया कानून लागू किया जाएगा और कोचिंग संस्थानों में काउंसलर व साइकोलॉजिस्ट की नियुक्ति की जाएगी।
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