Kal Ka Mausam June 13: कल कई राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट, तो कहीं सताएगी भीषण लू; जानें अपने राज्य का हाल
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं. अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून केंद्रीय अरब सागर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड और बिहार में दस्तक दे सकता है.
पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. कल यानी 13 जून को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में झमाझम बारिश होने की संभावना है. वहीं, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी उम्मीद है, जिससे अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश की गतिविधि जारी रहेगी.
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं. अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून केंद्रीय अरब सागर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड और बिहार में दस्तक दे सकता है.
कल 13 जून को बिहार, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान है. इन राज्यों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और दक्षिण भारत के तटीय व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और केरल में कल भारी बारिश का दौर जारी रहेगा.
कुछ हिस्सों में 'हीटवेव' का टॉर्चर
एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश की फुहारें राहत बन कर बरसेंगी, वहीं कुछ राज्यों में सूरज की तपिश बरकरार रहेगी. मौसम विभाग ने कल 13 जून को महाराष्ट्र के मराठवाड़ा व विदर्भ, तेलंगाना और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में भीषण लू चलने का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा.
मौसम विभाग ने कल के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका जताई गई है, जिससे पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. वहीं दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने का हाई अलर्ट है. मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के समय ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें, क्योंकि कल हवा की रफ्तार 70 से 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो कमजोर ढांचों और फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है.
14 जून से फिर बढ़ेगी तपिश
कल की बारिश और धूल भरी आंधी के बाद उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में जो गिरावट आएगी, वह बेहद अस्थायी होगी. मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होते ही 14 जून से 18 जून के बीच तापमान में एक बार फिर 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. यानी दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी इलाकों को कल तो राहत मिलेगी, लेकिन अगले हफ्ते से उमस और गर्मी का डबल अटैक दोबारा शुरू हो जाएगा. इसके विपरीत, देश के बाकी हिस्सों में 18 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि वहां तक मानसून की सक्रियता पूरी तरह बढ़ चुकी होगी.
पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. कल यानी 13 जून को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में झमाझम बारिश होने की संभावना है. वहीं, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी उम्मीद है, जिससे अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश की गतिविधि जारी रहेगी.
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं. अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून केंद्रीय अरब सागर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड और बिहार में दस्तक दे सकता है.
कल 13 जून को बिहार, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान है. इन राज्यों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और दक्षिण भारत के तटीय व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और केरल में कल भारी बारिश का दौर जारी रहेगा.
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कुछ हिस्सों में ‘हीटवेव’ का टॉर्चर
एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश की फुहारें राहत बन कर बरसेंगी, वहीं कुछ राज्यों में सूरज की तपिश बरकरार रहेगी. मौसम विभाग ने कल 13 जून को महाराष्ट्र के मराठवाड़ा व विदर्भ, तेलंगाना और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में भीषण लू चलने का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा.
मौसम विभाग ने कल के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका जताई गई है, जिससे पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. वहीं दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने का हाई अलर्ट है. मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान के समय ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें, क्योंकि कल हवा की रफ्तार 70 से 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो कमजोर ढांचों और फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है.
14 जून से फिर बढ़ेगी तपिश
कल की बारिश और धूल भरी आंधी के बाद उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में जो गिरावट आएगी, वह बेहद अस्थायी होगी. मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होते ही 14 जून से 18 जून के बीच तापमान में एक बार फिर 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. यानी दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी इलाकों को कल तो राहत मिलेगी, लेकिन अगले हफ्ते से उमस और गर्मी का डबल अटैक दोबारा शुरू हो जाएगा. इसके विपरीत, देश के बाकी हिस्सों में 18 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि वहां तक मानसून की सक्रियता पूरी तरह बढ़ चुकी होगी.