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पल्लेदार का बेटा बनेगा डॉक्टर, 2 हजार रुपये लेकर पहुंचा था कोटा, NEET में पाई 285 रैंक

Rajasthan News: बाड़मेर जिले के देराजराम ने नीट परीक्षा पास करके परिवार के साथ प्रदेश का भी नाम रोशन किया। कमाल की बात है कि देराजराम के लिए ये परीक्षा पास करने अनगिनत बाधाएं थीं। जानिए कैसे देराजराम ने मुश्किल हालातों में कैसे NEET की परीक्षा पास करके अपना परचम लहराया।

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Rajasthan News: राजस्थान में NEET परीक्षा में कमाल कर देने वाली कहानी सामने आई है। राजस्थान के बाड़मेर जिले के छोटे से गांव सोडियार के रहने वाले देराजराम ने NEET में 285 रैंक पाकर परीक्षा पास की। लेकिन ये कहानी केवल परीक्षा पास करने की नहीं है, यह कहानी है जिद, संघर्ष और आत्मविश्वास की। देराजराम अपने परिवार के साथ गांव में कच्चे मकान में रहते हैं। देराजराम ने NEET 2025 में 720 में से 628 अंक हासिल कर AIR 285 पाई है, और अब वह डॉक्टर बनने जा रहा है।

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पल्लेदार हैं देराजराम के पिता

देराजराम के पिता घेवरराम मंडियों में पल्लेदारी करते हैं। बोरे उठाते हैं। सीमित आमदनी, टूटी हड्डियों और शरीर में झुलसाव के बावजूद वह अपने बेटे के सपने के लिए दिन-रात मजदूरी करते रहे। एक बार 11 केवी लाइन से करंट लगने के कारण उनके पैर और उंगलियां झुलस गईं, जिसकी वजह से वे लंबे समय तक लगातार काम भी नहीं कर पाते, लेकिन बेटे ने यह तकलीफ कभी बहाने में नहीं बदली। वह लगातार अपनी पढ़ाई पर ध्यान देता रहा।

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जब टीचर ने फाइल फेंकी, तो खुद को बदला

साल 2021 में सेल्फ स्टडी करके देराजराम ने NEET परीक्षा दी और सिर्फ 148 अंक लाए। मजबूरी में बीएससी में दाखिला लिया। लेकिन डॉक्टर बनने की आग भीतर जलती रही। एक बार प्रैक्टिकल में फाइल में गलती होने पर टीचर ने फाइल फेंक दी। इससे आहत होकर देराजराम ने बीएससी छोड़ दी और अपने सपने के पीछे फिर चल दिए।

घर से भागकर पहुंचा कोटा, रच दी कहानी

19 जुलाई 2022 को देराजराम का घर में झगड़ा हुआ। डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए पिता को समझाया, नहीं वो नहीं माने। देराजराम ने 2 हजार रुपये लिए और कोटा की ट्रेन पकड़ी। वहां एक निजी कोचिंग में BPL कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड जैसे दस्तावेज दिखाए। कोचिंग ने हालात समझे और देराजराम को फीस में 90% तक छूट दे दी। साथ ही देराजराम के पड़ोसी ने आगे बढ़कर 3 साल तक उसकी फीस, रहना-सहना सब संभाल लिया।

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कई प्रयास, हर बार बेहतर प्रदर्शन

NEET 2022: 380 अंक
NEET 2023: 575 अंक (AIR 45099)
NEET 2024: 650 अंक (AIR 26351)
NEET 2025: 628 अंक (AIR 285)

अब सपना सिर्फ अपना नहीं, गांव का भी है

देराजराम ने बताया कि अब डॉक्टर बनकर अपने गांव और पूरे इलाके के लोगों की सेवा करना चाहता है। उसकी यह सफलता दिखाती है कि हालात चाहे जितने भी कठिन हों, अगर इरादा मजबूत हो, तो मंजिल जरूर मिलती है।

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