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पंजाब

अमृतसर से पाकिस्तान के लिए निकलेगा श्रद्धालुओं का जत्था, गुरुद्वारा पंजा साहिब में होगा मुख्य समागम

बैसाखी और खालसा सृजना दिवस के अवसर पर 1763 सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना होगा. यह जत्था वाघा बॉर्डर के रास्ते गुरुद्वारा पंजा साहिब समेत कई पवित्र स्थलों पर मत्था टेककर 19 अप्रैल को भारत लौटेगा.

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Written By: vishal.angrish Updated: Apr 9, 2026 15:25

बैसाखी और खालसा सृजना दिवस के शुभ अवसर पर सिख श्रद्धालुओं का एक विशेष जत्था पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना होने जा रहा है. इस बार कुल 1763 श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होंगे, जबकि 32 लोगों के वीजा रद्द होने के कारण वे इस यात्रा में शामिल नहीं हो पाएंगे. आज सभी श्रद्धालु अपने पासपोर्ट अमृतसर स्थित Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee के दफ्तर से प्राप्त कर और इसके बाद 10 अप्रैल को जत्था पूरी धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ रवाना होगा. रवाना होते समय बोले सो निहाल… सत श्री अकाल के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठेगा.

यह जत्था Wagah Border के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा. यात्रा के दौरान श्रद्धालु सबसे पहले Gurdwara Sri Panja Sahib, हसन अब्दाल पहुंचेंगे, जहां खालसा साजना दिवस का मुख्य समागम श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. सिख इतिहास में इस पवित्र स्थल की विशेष मान्यता है और यहां माथा टेकना हर श्रद्धालु के लिए अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है.

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इसके अलावा यह जत्था पाकिस्तान में स्थित अन्य प्रमुख ऐतिहासिक गुरुद्वारों के भी दर्शन करेगा, जो गुरु साहिबानों की पावन यादों से जुड़े हुए हैं. यह यात्रा श्रद्धालुओं को अपनी आस्था को और मजबूत करने के साथ-साथ सिख इतिहास और विरासत से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करती है.

यह धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद जत्था 19 अप्रैल को भारत वापस लौटेगा, जहां श्रद्धालु अपने साथ आध्यात्मिक अनुभव, पवित्र स्मृतियां और गुरु साहिबानों की कृपा लेकर लौटेंगे.

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First published on: Apr 09, 2026 03:25 PM

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