भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़े महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के रसायनी स्थित प्रोपेलेंट कॉम्प्लेक्स (PCR) की सुरक्षा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जिम्मे होगी. CISF ने मंगलवार को इस महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान की सुरक्षा व्यवस्था औपचारिक रूप से संभाल ली. इसके साथ ही अंतरिक्ष क्षेत्र की इस रणनीतिक संपत्ति का सुरक्षा तंत्र और मजबूत हो गया है. अंतरिक्ष विभाग के अंतर्गत आने वाला प्रोपेलेंट कॉम्प्लेक्स, इसरो के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC SHAR) की महत्वपूर्ण इकाई है. यह परिसर मुंबई से करीब 80 किलोमीटर और पनवेल से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

महाराष्ट्र में 32वां अति-महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान

रसायनी का प्रोपेलेंट कॉम्प्लेक्स महाराष्ट्र में CISF की सुरक्षा के दायरे में आने वाला 32वां अति-महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान (Vital Installation) बन गया है. इस तैनाती के साथ राज्य में रणनीतिक और राष्ट्रीय महत्व की संपत्तियों की सुरक्षा में CISF की भूमिका और व्यापक हुई है.

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PSLV, GSLV और LVM3 के लिए अहम है PCR

रसायनी स्थित प्रोपेलेंट कॉम्प्लेक्स भारत के अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यहां PSLV, GSLV और LVM3 जैसे लॉन्च व्हीकल्स के लिए आवश्यक अर्थ-स्टोरेबल ऑक्सीडाइज़र की आपूर्ति की जाती है. अंतरिक्ष अभियानों की संवेदनशीलता और इस प्रतिष्ठान की रणनीतिक भूमिका को देखते हुए इसकी सुरक्षा को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. CISF की तैनाती का उद्देश्य परिसर में एक समर्पित, पेशेवर और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि इसकी संवेदनशील गतिविधियां सुरक्षित और निर्बाध तरीके से जारी रहें.

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'सिक्योरिटी की’ सौंपकर CISF को दी गई जिम्मेदारी'

सुरक्षा कार्यभार ग्रहण करने के लिए आयोजित समारोह में CISF डीओएस-II के डीआईजी अजय कुमार खंडेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस दौरान प्रोपेलेंट कॉम्प्लेक्स के जनरल हेड संजय जैन ने औपचारिक रूप से CISF के असिस्टेंट कमांडेंट रवि तेजा आर. को ‘सिक्योरिटी की’ सौंपी. इसे परिसर की सुरक्षा CISF को सौंपे जाने का प्रतीकात्मक और औपचारिक कदम माना गया.

कार्यक्रम की शुरुआत गार्ड ऑफ ऑनर, दीप प्रज्ज्वलन और CISF ध्वज फहराने के साथ हुई. समारोह में BARC मुंबई के सीनियर कमांडेंट कार्तिकेयन के., P&GA प्रमुख शारिक आलम, वरिष्ठ P&SO आर. गोपाल सहित प्रोपेलेंट कॉम्प्लेक्स, अग्निशमन सेवा, DGR सुरक्षा कर्मियों और CISF के करीब 120 अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे.

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‘इसरो के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा CISF’

इस मौके पर CISF डीओएस-II के डीआईजी अजय कुमार खंडेलवाल ने कहा कि रसायनी के प्रोपेलेंट कॉम्प्लेक्स में CISF की तैनाती भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़े एक अति-संवेदनशील प्रतिष्ठान की सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि केंद्र की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए यहां उच्च स्तर की सतर्कता और विशेष सुरक्षा ढांचे की जरूरत है. CISF, इसरो प्रबंधन के साथ मिलकर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा और इसकी कार्यप्रणाली को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करेगा.

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वहीं, PCR के जनरल हेड संजय जैन ने कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में रसायनी प्रोपेलेंट कॉम्प्लेक्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और इसकी सुरक्षित कार्यप्रणाली राष्ट्रीय महत्व का विषय है. उन्होंने कहा कि CISF की तैनाती से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिली है. उन्होंने इसरो और CISF के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग का उल्लेख करते हुए भरोसा जताया कि CISF की पेशेवर विशेषज्ञता और PCR प्रबंधन के सहयोग से परिसर की सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारियां और अधिक मजबूत होंगी.

अंतरिक्ष मिशनों की सुरक्षा श्रृंखला में अहम कड़ी

CISF की नई तैनाती ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब भारत अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम का लगातार विस्तार कर रहा है. लॉन्च व्हीकल्स के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण संसाधनों से जुड़े इस प्रतिष्ठान की सुरक्षा अब एक समर्पित केंद्रीय सुरक्षा बल के हाथों में होने से भारत के अंतरिक्ष मिशनों की सुरक्षा श्रृंखला में एक और मजबूत कड़ी जुड़ गई है.

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