ISRO का बड़ा दांव, 4 सितंबर को लॉन्च होगा 'हॉक्स आई' सैटेलाइट EOS-5, इसे क्यों कहा जाता है भारत की 'तीसरी आंख'?

इसरो चेयरमैन डॉ. वी नारायणन के अनुसार, 4 सितंबर का ये लॉन्च स्पेस एजेंसी के लिए एक बिजी सेशन का आगाज करेगा. इसरो का लक्ष्य मार्च 2027 तक सात प्रमुख लॉन्च पूरे करने का है.

Satellite EOS-5

सितंबर का ये लॉन्च स्पेस एजेंसी के लिए एक बिजी सेशन का आगाज करेगा. (Photo: AI)

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) लगातार दो असफलताओं के बाद एक बड़े वापसी मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है. इसरो 4 सितंबर की सुबह अपने हाईटेक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-5 को जियो-सिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (GSLV-F17) के जरिए अंतरिक्ष में भेजने जा रहा है. इसे भारत की ‘तीसरी आंख’ और ‘हॉक्स आई’ कहा जा रहा है, जो भू-स्थैतिक कक्षा से देश की सीमाओं और मौसम पर चौबीसों घंटे निगरानी रखेगा. इसरो के लिए ये लॉन्च इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले मिशन EOS-09 और EOS-N1 का लॉन्च नाकाम रहा था.

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अंतरिक्ष में 36000 किमी ऊंचाई से रखेगा नजर

आपको बता दे कि इन असफलताओं के कारण PSLV की उड़ानों पर फिलहाल रोक लगी है और जांच जारी है. हालांकि, GSLV-F17 में अलग प्रोपल्शन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से लॉन्च पर कोई तकनीकी प्रभाव नहीं पड़ा है. EOS-5 सैटेलाइट को पृथ्वी से लगभग 36,000 किलोमीटर ऊपर जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा. सामान्य अर्थ ऑब्जर्वेशन उपग्रहों लगातार घूमते रहते हैं, लेकिन EOS-5 सैटेलाइट एक ही जगह स्थिर रहकर भारतीय उपमहाद्वीप और समुद्री सीमाओं की रियल-टाइम तस्वीरें भेजेगा.

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EOS-5 सैटेलाइट कैसे करेगा मदद?

EOS-5 सैटेलाइट में लगे हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों की मदद से आपदा प्रबंधन, कृषि योजना, मौसम पूर्वानुमान और रणनीतिक सीमा सुरक्षा में मदद मिलेगी. साल 2021 में इसी तरह की एक सैटेलाइट EOS-03 क्रायोजेनिक स्टेज में आई खराबी की वजह से खराब हो गई थी. EOS-5 सैटेलाइट उसी अधूरे मिशन का अपग्रेडेड वर्जन है. जिसे इस बार GSLV Mk II के जरिए कक्षा में भेजने की तैयारी है.

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गगनयान समेत कई बड़े मिशनों की शुरुआत

इसरो चेयरमैन डॉ. वी नारायणन के अनुसार, 4 सितंबर का ये लॉन्च स्पेस एजेंसी के लिए एक बिजी सेशन का आगाज करेगा. इसरो का लक्ष्य मार्च 2027 तक सात प्रमुख लॉन्च पूरे करने का है. इस वित्तीय वर्ष में 12 सैटेलाइट तैयार करने और 8 लॉन्च व्हीकल मिशनों को समय पर पूरा करने का टार्गेट है, जिसमें गगनयान का पहला अनक्रूड (G1) मिशन भी शामिल है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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