Parmod chaudhary
Read More
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
कॉमेडियन कुणाल कामरा विवाद पर शिवसेना (शिंदे गुट) नेता संजय निरुपम की एक बार फिर प्रतिक्रिया सामने आई है। ANI से बातचीत में शिवसेना (यूबीटी) पर गंभीर आरोप लगाते हुए निरुपम ने कहा कि कुणाल कामरा को पैसे दिए और उनके निर्देश पर पैरोडी गाना बनाया गया था। इसमें मातोश्री की भी भूमिका शामिल है। मातोश्री के पैसे का इस्तेमाल किया गया है। निरुपम ने कहा कि अब शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता गायब हो गए हैं और इसलिए वे एक कॉमेडियन की मदद से राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें:जीरकपुर में बनेगा 19.2KM लंबा बाईपास; 1800 करोड़ होंगे खर्च, इन राज्यों के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतर
निरुपम ने कहा कि कुणाल कामरा का समर्थन संजय राउत और आदित्य ठाकरे जैसे लोग कर रहे हैं। इससे साबित हो गया है कि उनके पास कोई विषय नहीं रह गया है। कुणाल कामरा बुरी तरह कानून के शिकंजे में फंस चुके हैं, ये लोग उनको बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बचा नहीं पाएंगे। कुणाल कामरा को सजा मिलकर ही रहेगी।
#WATCH | Mumbai: On Comedian Kunal Kamra row, Shiv Sena leader Sanjay Nirupam says “Shiv Sena (UBT) paid Kunal Kamra and on their instructions, the parody song was made…Matoshri is involved in this and the funds of Matoshri has been used in this…The workers of Shiv Sena (UBT)… pic.twitter.com/jhvG6Dos7U
— ANI (@ANI) April 9, 2025
---विज्ञापन---
इससे पहले मंगलवार को भी संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा था। वक्फ कानून को लेकर उन्होंने कहा था कि मुस्लिम वोटों के लिए उद्धव सेना ने बालासाहेब ठाकरे के विचारों और हिंदुत्व के साथ गद्दारी की है। उद्धव के दोगलेपन से हिंदू आक्रोशित हैं। वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने वाले ठाकरे को बालासाहेब का नाम तक लेने का अधिकार नहीं है। निरुपम ने कहा था कि शिवसेना यूबीटी के लोग दावा कर रहे हैं कि वक्फ बिल किसी जाति, धर्म से संबंधित न होकर अचल संपत्ति से संबंधित है।
निरुपम ने कहा कि यूबीटी के लोगों को प्रॉपर्टी में अधिक रुचि दिख रही है। कई मुस्लिम संगठनों ने चुनाव के दौरान उद्धव की पार्टी को फंडिंग की थी। मुस्लिम वोटों के लिए लीपापोती की जा रही है। वक्फ के पास जो जमीन है, वह देश की है। अगर कोई इसका दुरुपयोग कर रहा है, कोई घोटाला हुआ है तो कार्रवाई करने का अधिकार सरकार को है। खुलताबाद का नाम पहले रत्नपुर था। उद्धव 22 महीने सीएम रहे, उन्होंने नाम बदलने का काम क्यों नहीं किया?
यह भी पढ़ें:RBI की बैठक में रेपो रेट में कटौती के क्या मायने, आपकी जेब पर क्या असर?
рдиреНрдпреВрдЬ 24 рдкрд░ рдкрдврд╝реЗрдВ рдореБрдВрдмрдИ, рд░рд╛рд╖реНрдЯреНрд░реАрдп рд╕рдорд╛рдЪрд╛рд░ (National News), рдЦреЗрд▓, рдордиреЛрд░рдВрдЬрди, рдзрд░реНрдо, рд▓рд╛рдЗрдлрд╝рд╕реНрдЯрд╛рдЗрд▓, рд╣реЗрд▓реНрде, рд╢рд┐рдХреНрд╖рд╛ рд╕реЗ рдЬреБрдбрд╝реА рд╣рд░ рдЦрдмрд░ред рдмреНрд░реЗрдХрд┐рдВрдЧ рдиреНрдпреВрдЬ рдФрд░ рд▓реЗрдЯреЗрд╕реНрдЯ рдЕрдкрдбреЗрдЯ рдХреЗ рд▓рд┐рдП News 24 App рдбрд╛рдЙрдирд▓реЛрдб рдХрд░ рдЕрдкрдирд╛ рдЕрдиреБрднрд╡ рд╢рд╛рдирджрд╛рд░ рдмрдирд╛рдПрдВред