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Readback और Mayday कॉल में क्या है अंतर? अजित पवार हादसे में पायलट ने इस वजह से ATC को नहीं दिया जवाब

Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार के विमान ने सुबह 8:18 बजे बारामती एटीसी से संपर्क किया. पायलट को मौसम की जानकारी दी गई. हवा और विजिबिलिटी पर सवालों के बाद विमान ने रनवे 11 पर फाइनल अप्रोच की सूचना दी.

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Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहे चार्टर्ड Learjet 45 विमान के बुधवार सुबह बारामती एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त होने की जांच में पायलट द्वारा ‘रीडबैक’ न देने की बात ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. सुबह 8:10 बजे मुंबई से उड़े विमान ने रनवे से महज 100 फीट पहले क्रैश कर आग पकड़ ली, जिसमें अजित पवार समेत पांचों सवारों की मौत हो गई. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बयान ने क्रैश से ठीक पहले की घटनाक्रम उजागर किया, जिसमें पायलट कैप्टन शाम्भवी पाठक द्वारा लैंडिंग क्लीयरेंस का रीडबैक न देना चिंता का विषय है.

क्या होता है रीडबैक (Readback)


रीडबैक एविएशन की जरूरी सुरक्षा प्रक्रिया है, जिसमें पायलट एटीसी के निर्देश जैसे रनवे नंबर, ऊंचाई और दिशा को हूबहू दोहराते हैं. एसकाइब्रेरी जैसे सिक्योरिटी नॉलेज सोर्स के अनुसार रीडबैक इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे गलतफहमी को रोका जा सकता है और एटीसी भी निश्चिंत हो जाता है कि पायलट को सही जानकारी समझ आ गई है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि रूट क्लीयरेंस, स्पीड-ऊंचाई बदलाव और कंडीशनल निर्देशों का रीडबैक अनिवार्य होता है, ताकि एटीसी को पुष्टि हो सके. अजित पवार हादसे में एटीसी को पायलट द्वारा रीडबैक का संदेश नहीं मिला था.

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यह भी पढ़ें: अजित पवार का Learjet-45 प्लेन कितना था फिट? कंपनी VSR एविएशन के मालिक ने खुद बताया

क्या होता है मायडे कॉल (Mayday Call)

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मायडे या मेडे कॉल और ‘रीडबैक’ में बहुत बड़ा अंतर होता है. मायडे आपातकालीन संकट में तत्काल सहायता मांगने का कोड है, जबकि रीडबैक एक रूटीन मैसेज है, जो हर पायलट अपनी उड़ान द्वारा एटीसी को भेजता है. अजित पवार विमान हादसे की जांच डीजीसीए और एएआईबी टीमें कर रही हैं. शुरुआती संकेत में खराब विजिबिलिटी और संचार चूक की ओर इशारा कर रहे हैं.

पायलट ने क्यों नहीं दिया रीडबैक?


प्राप्त जानकारी के मुताबिक अजित पवार के विमान ने सुबह 8:18 बजे बारामती एटीसी से संपर्क किया. पायलट को मौसम की जानकारी दी गई. हवा और विजिबिलिटी पर सवालों के बाद विमान ने रनवे 11 पर फाइनल अप्रोच की सूचना दी. तभी पायलट ने लैंडिंग स्ट्रिप नजर न आने की बात कही, जिस पर गो-अराउंड का निर्देश दिया गया. आपको बता दें कि गो-अराउंड लैंडिंग तब किया जाता है जब पहली बार लैंडिंग की कोशिश नाकाम रहती है. इसके ठीक 12 मिनट पहले एडीएस-बी रेडियो सिग्नल बंद हो गया था, जो विमान की गति-स्थिति ट्रैक करता है. लैंडिंग क्लीयरेंस मिलने के बावजूद रीडबैक न मिला और विमान रनवे किनारे दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

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First published on: Jan 28, 2026 09:37 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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