दिल्ली-NCR में कब पहुंचेगा मानसून? IMD ने दी राहत भरी खबर, जानिए कब मिलेगी भीषण गर्मी से सुकून
Monsoon News: दिल्ली समेत उत्तर भारत में गर्मी ने लोगों को जीना मुश्किल कर दिया है. गर्मी से राहत पाने के लिए लोग मानसून का इंतजार कर रहे हैं, ताकि बारिश की बूंदे लोगों को इस मुश्किल घड़ी से निजात दिला सके. आइए जानते हैं दिल्ली-NCR तक मानसून कब पहुंचेगी
उत्तर भारत में बारिश कब मानसून कब शुरू होगी? (Image: AI)
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Monsoon Latest Update: दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों गर्मी और उमस का दोहरा असर लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है. सुबह से लेकर देर शाम तक तेज धूप और चिपचिपी गर्मी के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है. हालात ऐसे हैं कि कूलर और पंखे भी ज्यादा राहत नहीं दे पा रहे, जबकि एयर कंडीशनर का इस्तेमाल लगातार बढ़ गया है. मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में अभी कुछ दिन और गर्मी का असर बना रह सकता है यानी लोगों को अभी और परेशान होना पड़ेगा. हाल ही में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है. वहीं रात के समय भी तापमान सामान्य से ज्यादा रहने के कारण लोगों को राहत नहीं मिल रही है. ऐसे में हर किसी की नजर अब बारिश और मानसून की दस्तक पर टिकी हुई है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 11 जून से 14 जून के बीच दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है. इस दौरान गरज-चमक के साथ धूल भरी आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी जताई गई है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. इस प्री-मानसून गतिविधि के कारण तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिल सकती है.
इतना ही नहीं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने बताया है कि 11 जून की शाम से उत्तर-पश्चिम भारत में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव देखने को मिलेगा. इसके कारण दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम मौजूदा गर्म मौसम को प्रभावित करेगा और अगले कुछ दिनों तक वातावरण को अपेक्षाकृत ठंडा बनाए रखने में मदद कर सकता है.
कब आएगा उत्तर भारत में मानसून?
दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और देश के कई हिस्सों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है. केरल में प्रवेश करने के बाद मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई क्षेत्रों तक पहुंच चुका है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिनों में इसके छत्तीसगढ़ और ओडिशा की ओर बढ़ने की संभावना है. इसके बाद मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की तरफ बढ़ेगा. अगर मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं, तो दिल्ली-एनसीआर के लोगों को जून के आखिरी हफ्तों में मानसूनी बारिश का इंतजार खत्म होने की उम्मीद है
Monsoon Latest Update: दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों गर्मी और उमस का दोहरा असर लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है. सुबह से लेकर देर शाम तक तेज धूप और चिपचिपी गर्मी के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है. हालात ऐसे हैं कि कूलर और पंखे भी ज्यादा राहत नहीं दे पा रहे, जबकि एयर कंडीशनर का इस्तेमाल लगातार बढ़ गया है. मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में अभी कुछ दिन और गर्मी का असर बना रह सकता है यानी लोगों को अभी और परेशान होना पड़ेगा. हाल ही में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है. वहीं रात के समय भी तापमान सामान्य से ज्यादा रहने के कारण लोगों को राहत नहीं मिल रही है. ऐसे में हर किसी की नजर अब बारिश और मानसून की दस्तक पर टिकी हुई है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 11 जून से 14 जून के बीच दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है. इस दौरान गरज-चमक के साथ धूल भरी आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी जताई गई है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. इस प्री-मानसून गतिविधि के कारण तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिल सकती है.
इतना ही नहीं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने बताया है कि 11 जून की शाम से उत्तर-पश्चिम भारत में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव देखने को मिलेगा. इसके कारण दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम मौजूदा गर्म मौसम को प्रभावित करेगा और अगले कुछ दिनों तक वातावरण को अपेक्षाकृत ठंडा बनाए रखने में मदद कर सकता है.
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कब आएगा उत्तर भारत में मानसून?
दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और देश के कई हिस्सों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है. केरल में प्रवेश करने के बाद मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई क्षेत्रों तक पहुंच चुका है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिनों में इसके छत्तीसगढ़ और ओडिशा की ओर बढ़ने की संभावना है. इसके बाद मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की तरफ बढ़ेगा. अगर मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं, तो दिल्ली-एनसीआर के लोगों को जून के आखिरी हफ्तों में मानसूनी बारिश का इंतजार खत्म होने की उम्मीद है