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Maharashtra News: लड़ाई से नहीं पढ़ाई से हो रहा नक्सल का मुकाबला, ‘वन विलेज वन लाइब्रेरी’ ने बदली बच्चों की जिंदगी

One Village One Library: देश में सरकार बच्चों की पढ़ाई के लिए योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं में उन छात्रों की मदद की जाती है, जो पैसों के आभाव में पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। इसके लिए उनको कई जगह पर फ्री कोचिंग की सुविधा भी दी जाती है। महाराष्ट्र में स्टूडेंट्स के गाइडेंस के लिए भी गढ़चिरौली पुलिस ने ऐसी ही एक पहल की है।

One Village One Library: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में स्टूडेंस्ट की एजुकेशन के लिए पुलिस के ने एक नई लाइब्रेरी की शुरुआत की है। दरअसल, यहां पर ‘वन विलेज वन लाइब्रेरी’ खोली गई है, जिसमें बच्चों को पढ़ाई के बारे में सही गाइडेंस दिया जाएगा। इससे पहले भी इस तरह की लाइब्रेरी की शुरुआत की गई है, जिसमें करीब 8,000 से ज्यादा छात्र जुड़े हैं। यहां पर उनको फ्री क्लास और सरकारी नौकरियों समेत कई एग्जाम्स के लिए तैयार किया जाता है। इस तरह की अब 71 लाइब्रेरी खोली जा चुकी हैं।

हजारों बच्चे जुड़ रहे लाइब्रेरी के साथ

इस लाइब्रेरी को महाराष्ट्र में गढ़चिरौली पुलिस ने शुरू किया है। जो नक्सली प्रभाव का मुकाबला करने के लिए है। इसके लिए किसी तरह के बल का प्रयोग नहीं करना है, बल्कि एजुकेशन के जरिए किया जाएगा। SP नीलोत्पल ने बताया कि ‘दो साल पहले इसकी शुरुआत की गई थी, जिसके बाद से अब तक गढ़चिरौली में करीब 71 ‘वन विलेज वन लाइब्रेरी’ खुल चुकी हैं। इनमें 8,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स लाभ ले रहे हैं।’ उन्होंने बताया कि ‘इंटरनेट की समस्या से निपटने के लिए लाइब्रेरी को पुलिस चौकी के वाई-फाई से जोड़ा गया है।’

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खंडहर इमारत में शुरू किया गया काम

लाइब्रेरी के कोर्डिनेटर राकेश लोहंबरे ने ANI से बात करते हुए कहा कि ‘इसकी शुरुआत के लिए पुलिस की मदद के अलावा वहां के लोगों ने भी साथ दिया।’ वह कहते हैं कि ‘पहले ये बिल्डिंग एकदम खंडहर थी, जिसे हमने मिलकर बच्चों के पढ़ने लायक बनाया।’ उन्होंने बताया कि यहां पर पढ़ाई करने के अलावा, बहुत से स्कूलों के बच्चे आते हैं, जो अपनी आगे की पढ़ाई के बारे में पूछते हैं कि वह क्या कर सकते हैं।’ इस लाइब्रेरी से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ा है।

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बच्चों को मिली नौकरियां

रिपोर्ट के मुताबिक, यहां से अब तक 205 छात्रों का पुलिस में सेलेक्शन हो चुका है। कई को राजस्व विभाग में नौकरी मिली है। इस लाइब्रेरी में बच्चे किताबें और ऑनलाइन कोचिंग भी ले सकते हैं। एसपी ने बताया कि ‘जब से हमने इसकी शुरुआत की है या उससे पहले तक भी यहां पर माओवादी समूह युवाओं को गुमराह करने का काम करता था। उन युवाओं से जुड़ने के लिए इसकी शुरुआत एक बेहतर कदम था।’

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First published on: Jul 12, 2025 12:11 PM

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