---विज्ञापन---

मुंबई angle-right

बिना मानसून मुंबई में क्यों हो रही मूसलाधार बारिश? क्या है इसके पीछे की असली वजह

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में दस्तक देने के बाद तेजी से आगे बढ़ रहा है और बहुत जल्द मुंबई पहुंचने वाला है.

---विज्ञापन---

मुंबई में उमस और चिपचिपी गर्मी से परेशान लोगों के लिए बुधवार की सुबह राहत और आफत दोनों एक साथ लेकर आई. मुंबई में सीजन की पहली जोरदार प्री-मानसून बारिश दर्ज की गई है. सुबह-सुबह शहर के उत्तरी और मध्य हिस्सों में काले बादलों ने डेरा डाला और फिर तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया. दक्षिण मुंबई सहित अधिकांश जिलों में भारी बौछारें पड़ीं, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया. हालांकि, ठाणे, नवी मुंबई और पश्चिमी उपनगरों के कुछ हिस्सों में बारिश थोड़ी हल्की रही. पिछले तीन वर्षों में सबसे गर्म और सबसे सूखे मई महीने के बाद मुंबईकरों के लिए यह बारिश एक बड़ी राहत बनकर आई है. अब सवाल यह है कि मानसून आने से पहले अचानक इतनी भारी बारिश क्यों होने लगी?

आखिर क्यों अचानक बरसने लगे बादल?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, भारत का मौसम तापमान और हवाओं में होने वाले बड़े मौसमी बदलावों से तय होता है. जब गर्मियों में सूरज की तपिश से जमीन बहुत ज्यादा गर्म हो जाती है, तो उसके ऊपर की हवा हल्की होकर ऊपर उठने लगती है. इस खाली जगह को भरने के लिए आसपास के महासागरों से नमी से भरी ठंडी हवाएं तेजी से अंदरूनी इलाकों की तरफ बढ़ती हैं. यही पूरी प्रक्रिया दक्षिण-पश्चिम मानसून का आधार बनती है, जो आमतौर पर 11 जून के आसपास मुंबई पहुंचता है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : Kal Ka Mausam June 4: 12 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का खतरा, 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

लेकिन इस बड़े मौसमी बदलाव के पूरी तरह एक्टिव होने से पहले, भारी बारिश और तूफान आते हैं, जिसे प्री-मानसून कहते हैं. हफ्तों तक रहे उच्च तापमान की वजह से जब जमीन और समुद्र की सतह बहुत ज्यादा गर्म हो जाती है, तो सतह के पास की नम हवा अस्थिर हो जाती है. जब यह तेजी से ऊपर उठती है, तो ऊपर जाकर अचानक ठंडी होती है और बादलों का रूप ले लेती है. इसके बाद अचानक गरज-चमक और बिजली के साथ तेज बारिश शुरू हो जाती है.

---विज्ञापन---

लोकल फैक्टर्स का भी रोल

इस भारी बारिश के पीछे कुछ स्थानीय कारण भी जिम्मेदार रहे. अरब सागर से उठने वाली ठंडी और नम हवाएं जब अंदरूनी इलाकों की गर्म हवा से टकराईं, तो हवा में अस्थिरता और बढ़ गई. इसके अलावा, हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के कणों ने पानी की बूंदों को बादलों में तेजी से संघनित होने में मदद की. मौसम में आए इस छोटे से डिस्टर्बेंस ने हवा को एक्स्ट्रा लिफ्ट दी, जिससे बारिश का वेग बढ़ गया.

यह भी पढ़ें : एक ही रोड पर धूप, बर्फ, पतझड़ और वसंत का अनोखा संगम; ये हैं दुनिया के 5 सबसे रोमांचक ड्राइविंग रूट्स

---विज्ञापन---

कब दस्तक देगा मानसून?

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में दस्तक देने के बाद तेजी से आगे बढ़ रहा है और बहुत जल्द मुंबई पहुंचने वाला है. मुंबई जैसे शहर के लिए, जो समुद्र और पहाड़ियों के बीच एक संकीर्ण पट्टी पर बसा है, प्री-मानसून की यह मध्यम बारिश भी एक चेतावनी है.

First published on: Jun 03, 2026 10:03 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola