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अखबार में समोसा-कचौड़ी बेचा तो जेल जाना तय, FSSAI की दुकानदारों को सख्त चेतावनी

FSSAI Warning: समोसा-कचौड़ी प्रेमियों और दुकानदारों के लिए बेहद जरूरी खबर, FSSAI ने अखबार में खाना परोसने को लेकर जारी की सख्त चेतावनी. अखबार की छपाई में इस्तेमाल होने वाली जहरीली स्याही सीधे आपके पेट में जाकर सेहत को पहुंचा सकती है गंभीर नुकसान. नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों को खानी पड़ सकती है जेल की हवा, भारी जुर्माने का भी है कड़ा प्रावधान.

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FSSAI Warning: अगर आप भी बाजार में ठेले या दुकान पर अखबार में लिपटे हुए गरमा-गरम समोसे, कचौड़ी या अन्य चाट-पकौड़े बड़े चाव से खाते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़े झटके जैसी है. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाने-पीने की चीजों को अखबार में लपेटकर बेचने या परोसने वाले दुकानदारों के खिलाफ अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है. खाद्य सुरक्षा एजेंसी ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी दुकानदार इस नियम का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो उसे भारी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

6 महीने की जेल या 5 लाख रुपये जुर्माना

FSSAI द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, देश के किसी भी हिस्से में भोजन के भंडारण, उसे लपेटने (रैपिंग) या ग्राहकों को परोसने के लिए अखबारों या इसी तरह की अन्य अप्रमाणित सामग्रियों का उपयोग करना पूरी तरह प्रतिबंधित है. एजेंसी ने फूड पैकेजिंग नियम 2018 का हवाला देते हुए कहा है कि अगर कोई दुकानदार इस चेतावनी के बाद भी अखबार का इस्तेमाल बंद नहीं करता है, तो उसे 6 महीने तक की जेल की सजा हो सकती है या फिर 5 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.

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अखबार में खाना परोसना क्यों है खतरनाक?

FSSAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा कर इसके पीछे के वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी कारणों को भी स्पष्ट किया है. एजेंसी के मुताबिक, अखबारों की छपाई (प्रिंटिंग) में इस्तेमाल होने वाली स्याही में सीसा (Lead) और कई अन्य भारी धातुएं (Heavy Metals) शामिल होती हैं. इस स्याही में कई तरह के हानिकारक और जहरीले रसायन होते हैं.

जब कोई दुकानदार गरमा-गरम या तेल से भरपूर समोसे-कचौड़ी जैसी चीजें अखबार पर रखता है, तो वह स्याही पिघलकर सीधे खाने के साथ चिपक जाती है. इस दूषित भोजन को खाने से यह खतरनाक रसायन इंसान के शरीर के भीतर पहुंच जाते हैं, जो आगे चलकर कैंसर, पेट की गंभीर बीमारियों और अंगों को नुकसान पहुंचाने जैसी जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं.

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मुंबई की घटना के बाद दोबारा सख्त हुई गाइडलाइन

वैसे तो भारत में अखबारों में खाना देना काफी पहले से ही कानूनन बंद है, लेकिन जमीन पर इसका पालन बहुत कम देखा जाता है. हाल ही में मुंबई में वड़ा पाव को अखबार में परोसने के बाद सामने आई एक घटना को देखते हुए FSSAI ने एक बार फिर से इस पर नया अपडेट और सख्त निर्देश जारी किए हैं. एजेंसी ने दुकानदारों के साथ-साथ आम ग्राहकों से भी सतर्क रहने की अपील की है ताकि वे अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ होने से खुद को बचा सकें.

First published on: Jun 07, 2026 06:56 PM

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About the Author

Vijay Jain

सीनियर न्यूज एडिटर विजय जैन को पत्रकारिता में 23 साल से अधिक का अनुभव है.  न्यूज 24 से पहले विजय दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अलग-अलग जगहों पर रिपोर्टिंग और टीम लीड कर चुके हैं, हर बीट की गहरी समझ है। खासकर शहर राज्यों की खबरें, देश विदेश, यूटिलिटी और राजनीति के साथ करेंट अफेयर्स और मनोरंजन बीट पर मजबूत पकड़ है. नोएडा के अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जयपुर, चंडीगढ़, पंचकूला, पटियाला और जालंधर में काम कर चुके हैं इसलिए वहां के कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत आदि की समझ रखते हैं. प्रिंट के कार्यकाल के दौरान इन्हें कई मीडिया अवार्ड और डिजिटल मीडिया में दो नेशनल अवार्ड भी मिले हैं. शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Vijay.kumar@bagconvergence.in

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