मुंबई के पश्चिम विभाग साइबर पुलिस थाने ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर की गई बड़ी साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है. इसे मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता को 2 अप्रैल से 18 अप्रैल के बीच अज्ञात मोबाइल नंबरों से लगातार फोन किए गए.

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ऐसे किया डिजिटल अरेस्ट

आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर शिकायतकर्ता को डराया-धमकाया. फिर कहा कि आपके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में किया गया है. इसके बाद आरोपियों ने व्हॉट्सऐप के जरिए पुलिस का लोगो और सुप्रीम कोर्ट की मुहर लगे फर्जी दस्तावेज शिकायतकर्ता को भेजे. इन दस्तावेजों के जरिए शिकायतकर्ता पर दबाव बनाया गया और उसे यह बताया गया कि उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ किया गया है.

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डर के माहौल में शिकायतकर्ता को अपने बैंक खाते से 1 करोड़ 67 लाख 40 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की.

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सात आरोपी गिरफ्तार

जांच के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में संजय शाह, एक महिला आरोपी, ऋषि मीना, नौशाद अली, मोहम्मद खालिद सैफ, जगेश्वर महतो और जाबीर हुसैन शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से 27 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप और 613 सिम कार्ड बरामद किए हैं. इसके अलावा कई बैंक खातों में मौजूद करीब 34 लाख रुपये की रकम फ्रीज कराई गई है.

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