---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Explainer: рд╕реАрдПрдо рдлрдбрдгрд╡реАрд╕ рдиреЗ рдЙрджреНрдзрд╡ рдард╛рдХрд░реЗ рдХреЛ рдХреНрдпреЛрдВ рджрд┐рдпрд╛ рд╕рд░рдХрд╛рд░ рдореЗрдВ рд╢рд╛рдорд┐рд▓ рд╣реЛрдиреЗ рдХрд╛ рдкреНрд░рд╕реНрддрд╛рд╡?

Maharashtra Politics: рдорд╣рд╛рд░рд╛рд╖реНрдЯреНрд░ рдХреЗ рд╕реАрдПрдо рджреЗрд╡реЗрдВрджреНрд░ рдлрдбрдгрд╡реАрд╕ рдиреЗ рдордЬрд╛рдХ рдореЗрдВ рдЙрджреНрдзрд╡ рдард╛рдХрд░реЗ рд╕реЗ рдХрд╣рд╛ рдХрд┐ рдЖрдк рдЪрд╛рд╣реЗ рддреЛ рд╣рдорд╛рд░реЗ рдЗрдзрд░ рдХрд╛ рд░рд╛рд╕реНрддрд╛ рдирд┐рдХрд╛рд▓ рд╕рдХрддреЗ рд╣реИрдВред рдРрд╕реЗрдВ рдореЗрдВ рдЙрдирдХреЗ рдЗрд╕ рдмрдпрд╛рди рдХреЗ рдмрд╛рдж рд╕реЗ рд╕рд┐рдпрд╛рд╕реА рдЧрд▓рд┐рдпрд╛рд░реЛрдВ рдореЗрдВ рдЪрд░реНрдЪрд╛ рдХрд╛ рдорд╛рд╣реМрд▓ рд╣реИред

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

Devendra Fadnavis offer Uddhav Thackeray: सियासत कब-क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। महाराष्ट्र की राजनीति में कल का दिन कई मायनों में खास रहा। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे को ऑफर दिया कि वे अगर हमारे साथ आना चाहे तो रास्ता निकाल सकते हैं। हमारा 2029 तक विपक्ष में आने का कोई स्कोप नहीं है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने यह बयान मजाक में दिया था लेकिन सियासी गलियारों में उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। आइये जानते हैं उनके इस बयान के बाद अफवाहों का बाजार गर्म क्यों है?

महाराष्ट्र विधानपरिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे का कल विदाई समारोह था। इस दौरान सीएम फडणवीस ने उनको सम्मानित उनके बारे में कई बातें कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि उद्धव जी 2029 तक तो हमारा आपकी जगह आने का स्कोप नहीं हे लेकिन आप अगर साथ आना चाहे तो रास्ता निकाला जा सकता है। हालांकि उनके इस बयान का खंडन करते हुए उद्धव ठाकरे ने मीडिया से कहा कि ये बातें हंसते-खेलते हुई हैं, ऐसे में इसको हंसते-खेलते ही लेना चाहिए। यानी की उन्होंने इन बातों को सिरे से खारिज कर दिया।

---विज्ञापन---

जानें कब से शुरु हुई तनातनी

2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे शिंदे सेना के लिए चौंकाने वाले रहे। इसकी वजह बीजेपी को 132 सीटों पर जीत मिलना। बीजेपी को महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे अधिक सीटें मिली। ऐसे में जो बार्गेनिंग चुनाव के बाद एकनाथ शिंदे बीजेपी के साथ करना चाहते हैं वह वे कर नहीं पाए। क्योंकि बीजेपी को बहुमत के लिए मात्र 15 विधायक चाहिए जोकि उसकी लिए बड़ी बात नहीं थी। ऐसे में एकनाथ शिंदे को बीजेपी की मान माननी पड़ी और उन्हें डिप्टी सीएम पद से ही संतोष करना पड़ा। चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी करीब 20 दिन तक सीएम का फैसला नहीं कर पाई थी। इसके बाद बीजेपी ने शिंदे को डिप्टी सीएम पद के लिए मनाया था।

ये भी पढ़ेंः क्या महाराष्ट्र में बन रही है कोई नई सियासी खिचड़ी? बदलावों की सुगबुगाहट तेज

---विज्ञापन---

सरकार बनने से पहले ही तनातनी

सरकार बनने के बाद भी मंत्रालयों को लेकर दोनों पार्टियों के बीच काफी तनातनी देखने को मिली। शिंदे गृह मंत्रालय चाहते थे लेकिन बीजेपी उनको गृह मंत्रालय नहीं देना चाहती थी। इसके बाद उनको सार्वजनिक निर्माण विभाग दिया गया। वहीं शिंदे के मंत्रियों और विधायकों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों पर भी सीएम शिंदे ने तुरंत जांच बैठा दी। ऐसे में अब तक बीजेपी और शिंदे के बीच सरकार बनने के बाद रिश्ते सहज नहीं रहे हैं। इसके अलावा शिंदे सीएम फडणवीस द्वारा बुलाई गई बैठकों में भी शामिल नहीं होते हैं। ऐसे में शिंदे कब बीजेपी से अलग हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता।

सहज नहीं रिश्ते

जानकारों की मानें तो बीजेपी पिछले कुछ दिनों से गठबंधन में असहज स्थिति में है। इसकी वजह शिंदे गुट के कुछ विधायक और मंत्री है जो लगातार अपनी कारस्तानियों के कारण बीजेपी के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। सीएम फडणवीस ने इसको लेकर शिंदे से कार्रवाई करने के लिए कहा है। ऐसे में देखना यह है कि यह स्थिति कहां तक जाती है।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ेंः Mumbai: बस देर रात फोन देखने की एक जिद…. और 4 साल की बेटी की सौतेले पिता ने हत्या कर समुद्र में फेंका

First published on: Jul 17, 2025 07:49 AM

End of Article
---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola