भर्ती परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी को लेकर रांची में छात्रों ने विधानसभा की ओर बढ़ते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों ने परिसर तक पहुंचने के लिए बैरिकेड्स तक तोड़ दिए. उन्हें हटाने के लिए पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया, वॉटर कैनन और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया. जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में ये कहा था कि सभी परेशानियों का हल बातचीत से निकलता है, लाठी से नहीं. इसके बावजूद भी प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाईं गईं. इस बीच, CID ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले में सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को भी गिरफ्तार किया है.
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कब दिया इस्तीफा?
एल. खियांग्ते ने 22 जुलाई को JPSC के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था. उनपर 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा आयोजित कराने के लिए ब्लैकलिस्ट में डाली गई कंपनी TDPL को पैनल में शामिल करने समेत कई आरोप लगे हैं. खियांग्ते से 28 जुलाई से लेकर अब तक कई बार पूछताछ की जा चुकी थी. वहीं, रविवार को भी JPSC के तीन सदस्यों ने रिजाइन किया था. जिनमें अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद, अनिमा हांसदा का नाम शामिल है. राज्यपाल संतोष गंगवार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया. दरअसल, परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच कर रही CID ने इन सदस्यों को समन भेजा था, जिसके बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया. आज सीआईडी की टीम ने सभी से पूछताछ की.
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ईडी की भी हुई एंट्री
रांची में विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी परीक्षा में हो रही गड़बड़ी को लेकर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. अब इस पूरे मामले में ED की एंट्री हो चुकी है. ईडी ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत पूरे मामले की तहकीकात शुरू की है. ईडी ने JSSC-CGL एग्जाम समेत झारखंड की बाकी परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े फाइनेंशियल एंगल की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि वो झारखंड पुलिस की CID टीम की तरफ से दर्ज प्राथमिकी के साथ ही कुछ और शिकायतों का भी संज्ञान लिया है.
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