---विज्ञापन---

हिमाचल angle-right

‘मंत्री जी! दीया जलाकर रह लूंगा, 20 हजार बिल नहीं दूंगा’, स्मार्ट मीटर से परेशान गरीब फरियादी ने लगाई गुहार

पीड़ित ने भावुक होते हुए कहा कि मंत्री जी, मैं दीया जलाकर रह लूंगा, लेकिन 20 हजार रुपये का बिल नहीं दूंगा. मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं. अगर बिजली नहीं देनी तो बोर्ड अपना पोल और मीटर ले जाए. पढ़िये हिमाचल से राजेश शर्मा की रिपोर्ट.

---विज्ञापन---

हिमाचल प्रदेश के सोलन के जौणाजी में शुक्रवार को आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने बिजली के भारी-भरकम बिल का मामला उठाकर सरकार से न्याय की गुहार लगाई. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल कर रहे थे. फरियादी ने बताया कि पहले उसका बिजली बिल करीब 300 रुपये आता था लेकिन अचानक 20 हजार रुपये का बिल भेज दीया गया. बिल का भुगतान न कर पाने के कारण उसकी बिजली काट दी गई. उसने कहा कि बिजली बोर्ड में कई बार शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

पीड़ित ने भावुक होते हुए कहा कि मंत्री जी, मैं दीया जलाकर रह लूंगा, लेकिन 20 हजार रुपये का बिल नहीं दूंगा. मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं. अगर बिजली नहीं देनी तो बोर्ड अपना पोल और मीटर ले जाए. हम 50 साल पीछे पुराने इतिहास में जाएंगे हमने नए में नहीं जाना.

---विज्ञापन---

मंत्री शांडिल ने फरियादी की बात सुनकर तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामले की जांच की जाए और अगर गलती हुई है तो बिल सुधार किया जाए. उन्होंने आश्वासन दीया कि सरकार गरीबों की समस्याओं को प्राथमिकता दे रही है और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा. गौरतलब है कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पुराने मीटरों को वापस लगाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि नई तकनीक उनके लिए बोझ बन रही है. सरकार ने दावा किया है कि स्मार्ट मीटर पारदर्शिता बढ़ाएंगे और चोरी रोकेंगे, लेकिन जमीन पर इसके क्रियान्वयन में खामियां साफ नजर आ रही हैं.

First published on: Feb 27, 2026 11:48 PM

End of Article

About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola