केरल के वायनाड में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन स्थल से मलबा हटाना चुनौतीपूर्ण और खतरनाक हो गया है. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो चुकी है.
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Today Weather Updates: दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए गुरुवार की सुबह सुहानी सौगात लेकर आई. राजधानी और उसके आस-पास के इलाकों में सुबह-सुबह हुई तेज बारिश ने पिछले कई दिनों से जारी उमस और चुभने वाली गर्मी से बड़ी राहत दी है. हालांकि, इस आंधी-पानी के कारण सड़कों पर जलभराव और सुबह के वक्त ऑफिस जाने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना भी करना पड़ा है. मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद को ‘येलो अलर्ट’ पर रखा गया है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आज दिन भर रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून की यह सक्रियता अभी कम नहीं होने वाली है. दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक व्यापक रूप से भारी बारिश होने की पूरी संभावना है. इसके अलावा, पूर्वी राजस्थान में आज यानी 9 जुलाई को बादलों की आवाजाही और पानी बरसने की रफ्तार तेज रहेगी. उत्तर प्रदेश के पूर्वोत्तर हिस्सों में रहने वाले लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि वहां 13 जुलाई तक बारिश का एक नया और मजबूत दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है.
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में भी मानसून की मार जारी है. लगातार हो रही बारिश से मुंबई पूरी तरह बेहाल है और मौसम विभाग ने आज के लिए मुंबई और ठाणे में ‘येलो अलर्ट’ घोषित कर दिया है. मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आज दिन भर गरज-चमक और आसमानी बिजली कड़कने के साथ तेज आंधी चल सकती है. हालांकि, ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, लेकिन कुछ चुनिंदा और संवेदनशील जगहों पर अचानक भारी बौछारें पड़ने की भी आशंका है जिससे निचले इलाकों में पानी भर सकता है.
गुजरात के सूरत शहर में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. यहाँ बारिश से जुड़े हादसों में अब तक कम से कम नौ लोगों की जान जा चुकी है, जिसके बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है. देश के कई राज्यों में बाढ़ और जलभराव के इस गंभीर संकट को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद मोर्चा संभाला है. उन्होंने केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात करके वहां के ताजा हालात की समीक्षा की और केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव मदद का पूरा भरोसा दिया.
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केरल के वायनाड में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन स्थल से मलबा हटाना चुनौतीपूर्ण और खतरनाक हो गया है. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो चुकी है.
उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिससे कई इलाकों में भारी तबाही देखने को मिल रही है. मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिसे 'अत्यंत भारी बारिश' की श्रेणी में रखा गया है. देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सी. एस. तोमर ने बताया कि ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और हरिद्वार में बहुत भारी और देहरादून सहित कई जिलों में भारी बारिश हुई है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है. राज्य में अगले 48 घंटों तक मूसलाधार बारिश का यह दौर जारी रहने का अनुमान है.
गुरुवार को देश के कई हिस्सों में हुई मूसलाधार मानसूनी बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है. भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़कें और रिहायशी इलाके जलमग्न हो गए हैं, पेड़ उखड़ गए हैं और कई घरों को नुकसान पहुंचा है. दिल्ली में इस सीजन की सबसे भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे चारों तरफ जलभराव और महाजाम की स्थिति बन गई. वहीं, महाराष्ट्र के पुणे के पास पिंपरी चिंचवड़ में भारी बारिश के कारण कचरे का ढेर ढहने से एक वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की इमारत गिर गई थी, जहां गुरुवार को मलबे से एक शव बरामद किया गया है. इस हादसे में अब तक 9 लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि करीब 8 लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार को घोषणा की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ते हुए अब पूरे देश में पहुंच चुका है. मौसम विभाग के मुताबिक, आमतौर पर मानसून 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है, लेकिन इस बार इसमें केवल एक दिन की मामूली देरी दर्ज की गई है.
केरल के कई हिस्सों में गुरुवार को जारी मूसलाधार बारिश के चलते भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है. इसके साथ ही एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर और कासरगोड समेत 6 अन्य जिलों में 'येलो अलर्ट' लागू किया गया है. राज्य में हो रही इस भारी बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ और उनकी शाखाएं टूटने से संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है. मौसम विभाग के अनुसार, ऑरेंज अलर्ट वाले इलाकों में 115 मिमी से 204 मिमी तक अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है.
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में जारी बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर घट-बढ़ रहा है, हालांकि सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं. प्रशासन स्थिति पर नजर रखते हुए लोगों से नदी किनारों से दूर रहने की अपील कर रहा है.
#watch | Uttarakhand: Continuous rainfall in Rudraprayag district has led to fluctuations in the water levels of major rivers. However, the water levels of both the Alaknanda and Mandakini rivers remain below the warning and danger marks. The district administration is closely… pic.twitter.com/66Vpv9rMM6
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 9, 2026
गाजियाबाद के वसुंधरा में अटल चौक के पास भारी बारिश के बाद अचानक सड़क धंस गई। इस गहरे गड्ढे में एक कार और स्कूटी अंदर गिर गईं, जिन्हें बाद में क्रेन की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
#watch | Ghaziabad, Uttar Pradesh: Road caves in after heavy rainfall near Atal Chowk in Vasundhara. A car and a scooter fell inside and were later pulled out. pic.twitter.com/9ocXLXht9P
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 9, 2026
उत्तराखंड के ऋषिकेश में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी का रौद्र रूप देखकर तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि कई प्रमुख घाटों की सीढ़ियां पानी में डूबने लगी हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा होने की आशंका है। खतरे को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और सभी पर्यटकों तथा स्थानीय नागरिकों से नदी के किनारों, घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त अपील की है।
राजधानी में जारी मूसलाधार बारिश के बीच कालकाजी से गोविंदपुरी को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर एक विशाल पेड़ अचानक उखड़कर सड़क के बीचों-बीच गिर गया। इस हादसे के बाद दोनों तरफ से गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। व्यस्त समय होने के कारण दफ्तर और गंतव्य के लिए निकले लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना प्रशासन और पुलिस को दी है, जिसके बाद मलबे को हटाने और रास्ता साफ करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
नोएडा के सेक्टर 94 में स्थित देश की सबसे ऊंची इमारतों में से एक 'सुपरनोवा, स्पिरा टॉवर' का ऊपरी हिस्सा आज आसमान में छाए घने, काले बादलों के बीच पूरी तरह छुप गया है। मूसलाधार बारिश के मौसम में यह नजारा ऐसा लग रहा है मानो गगनचुंबी इमारत बादलों को चीरकर सीधे आसमान से बातें कर रही हो।
#watch | Melbourne | Around 30,000 people have gathered to hear PM Modi as he addresses perhaps the largest such gathering ever to happen in Australia by any leader ! pic.twitter.com/cXGu80ZhBH
— ANI (@ANI) July 9, 2026
दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने मॉनसून की तैयारियों का जायजा लेने के लिए PWD कंट्रोल रूम का दौरा किया।
#watch दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने मॉनसून की तैयारियों का जायजा लेने के लिए PWD कंट्रोल रूम का दौरा किया। pic.twitter.com/dyzC7IrDfk
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 9, 2026
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 9 जुलाई, 2026 की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में बीते 24 घंटों (8 जुलाई सुबह 08:30 बजे से 9 जुलाई सुबह 08:30 बजे तक) में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। दिल्ली के टुकमीरपुर, खजुरी इलाके में सबसे ज्यादा 160 मिमी बारिश हुई, जबकि नोएडा-गाजियाबाद के इलाकों में भी भारी बरसात से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 9 जुलाई, 2026 की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में बीते 24 घंटों (8 जुलाई सुबह 08:30 बजे से 9 जुलाई सुबह 08:30 बजे तक) में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। दिल्ली के टुकमीरपुर, खजुरी इलाके में सबसे ज्यादा 160 मिमी बारिश हुई, जबकि नोएडा-गाजियाबाद के इलाकों में भी भारी बरसात से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
देशभर में जारी मूसलाधार बारिश आफत बन चुकी है। अलग-अलग राज्यों में बाढ़, भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और इमारतें गिरने जैसी मानसूनी आपदाओं में अब तक 60 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। दिल्ली-एनसीआर में जहां 'रेड अलर्ट' के बीच भारी जलभराव और महाजाम ने रफ्तार रोक दी है, वहीं महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्य भी भयंकर बारिश से जूझ रहे हैं। प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं, जबकि मौसम विभाग ने कई राज्यों में और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
दिल्ली में भारी बारिश के बीच ईस्ट ऑफ कैलाश के राजा धीर सिंह मार्ग पर तड़के करीब 3 बजे एक विशाल पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक कमर्शियल गाड़ी पूरी तरह कुचल गई। स्थानीय निवासी करण अग्रवाल ने बताया कि कंक्रीटीकरण (सड़क पक्की करने) और अतिक्रमण के कारण पेड़ कमजोर होकर गिर रहे हैं और इसी सड़क पर पहले भी 2-3 पेड़ गिर चुके हैं। सुबह तक रास्ता साफ न होने के कारण स्कूल बसों को लंबा चक्कर काटना पड़ा, जिससे बच्चों को भारी परेशानी हुई। घटना के कई घंटों बाद भी प्रशासन ने मलबे को नहीं हटाया है।
#watch | Delhi: A tree fell near Raja Dhir Singh Marg in East of Kailash due to heavy rainfall.Resident Karan Agarwal says, “The incident occurred near East of Kailash on Raja Dhir Singh Marg. The tree fell around 2:30 AM or 3:00 AM, and the area has not been cleared yet. Trees… pic.twitter.com/MeHPOyDJIX
— ANI (@ANI) July 9, 2026
दिल्ली-एनसीआर में हो रही लगातार बारिश ने नोएडा शहर को पानी-पानी कर दिया है। नोएडा के सेक्टर-16 में भारी जलभराव के चलते गाड़ियां और मोटरसाइकिलें आधी डूबी नजर आईं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। शहर में फिलहाल 25 से ज्यादा ऐसी जगहें हैं जहां लोग महाजाम से जूझ रहे हैं; सेक्टर-62 से 71 तक करीब 5 किलोमीटर और गौर सिटी से सेक्टर-52 तक 6 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। पहली ही बारिश में बने बाढ़ जैसे इन हालातों ने प्रशासन के उन तमाम मानसून एक्शन प्लान और तैयारियों के दावों की पोल खोल कर रख दी है।
उत्तरकाशी में भारी बारिश के बाद गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर आफत आ गई है। इस हाईवे पर नालूपानी, धरासू घाट और नगुण के पास भारी भूस्खलन के कारण सड़क पूरी तरह बंद हो गई है, जिसे खोलने के लिए बीआरओ (BRO) की टीमें मशीनों के साथ जुटी हुई हैं। राहत की बात यह है कि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी के पास और टिहरी के सुवाखोली मार्ग पर रोतु की वैली के पास आए मलबे को साफ कर यातायात को दोबारा सुचारू कर दिया गया है। वहीं, नाकुरी ग्रामीण मोटर मार्ग अब भी बंद है और उसे खोलने का काम जारी है।
मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, लोक निर्माण विभाग (PWD), बीआरओ (BRO) और एनएच (NH) को सड़कें बंद होने पर उन्हें तुरंत खोलने और सभी राजस्व अधिकारियों व आपदा प्रबंधन टीमों (QRT) को वायरलेस के साथ 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने का आदेश दिया गया है। नागरिकों से बेवजह घरों से बाहर न निकलने की अपील की गई है।
राष्ट्रीय राजधानी में भारी बारिश के कारण जलभराव से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम लग गया.
#watch | Delhi | Traffic snarls on Delhi-Meerut Expressway triggered by waterlogging due to heavy rainfall across the National Capital pic.twitter.com/p2M9BANqxT
— ANI (@ANI) July 9, 2026
गुजरात के सूरत में गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश ने मगोब इलाके में भारी तबाही मचाई है. मगोब के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव (Waterlogging) होने से आम जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है. सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने के कारण स्थानीय लोगों और दफ्तर आने-जाने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इलाके से सामने आए दृश्यों में लोग जलमग्न रास्तों को तैरकर या पैदल पार करने को मजबूर दिखे, जबकि पानी के बीच कई वाहन बंद होकर फंसे नजर आए.
महाराष्ट्र में मानसून की भारी बारिश ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। मौसम विभाग (IMD) ने कोंकण और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में अत्यंत भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताते हुए कई जिलों के लिए 'रेड' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही मराठवाड़ा, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है, जिससे स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश मिले हैं।
दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद मौसम विभाग (IMD) ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। कई इलाकों में भारी जलभराव के कारण सुबह का ट्रैफिक रेंगता नजर आया। गुरुग्राम पुलिस ने भारी जाम और जलभराव को देखते हुए कॉर्पोरेट कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) देने की सलाह दी है। जहां तक स्कूलों का सवाल है, कई जगहों पर जलभराव के कारण रूटीन प्रभावित हुआ है, हालांकि फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक छुट्टी का आदेश नहीं है, लेकिन स्थिति को देखते हुए नजर रखी जा रही है।
दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे मौसम सुहावना तो हुआ है लेकिन सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पूर्वी दिल्ली के मयूूूर विहार में सबसे ज्यादा 102.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा लोधी रोड में 80.2 मिमी और सफदरजंग में 72.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने आने वाले समय में और बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ सकती है।
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