गुरुग्राम में पानी हुआ महंगा! जल संकट के बीच नगर निगम ने लागू किए नए नियम
Gurugram News: गुरुग्राम में पानी की नई दरें लागू होने से लोगों की जेब पर असर पड़ेगा. नगर निगम ने जल संकट और अवैध कनेक्शनों पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं, साथ ही सोसाइटी और व्यावसायिक श्रेणियों में भी शुल्क बढ़ाया गया है.
Written By: Azhar Naim|Updated: May 13, 2026 19:50
Edited By : Azhar Naim|Updated: May 13, 2026 19:50
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गुरुग्राम में बढ़ा पानी का दाम. (Image: AI)
हाइलाइट्स
News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया
गुरुग्राम में पानी की नई दरें
गुरुग्राम नगर निगम ने पेयजल की नई दरें लागू की हैं, जिससे अब लोगों को पानी के लिए अधिक खर्च करना होगा.
वर्ष 2024 से 2027 तक प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पानी के बिल में लगभग 5% की वार्षिक वृद्धि की जाएगी.
बढ़ती आबादी, पानी की बर्बादी और जलापूर्ति व्यवस्था पर बढ़ते खर्च को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
अवैध कनेक्शन और शुल्क
अवैध पानी कनेक्शनों पर कार्रवाई की जाएगी और देर से भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क, डिस्कनेक्शन/रीकनेक्शन शुल्क ₹1,000 और मीटर टेस्टिंग शुल्क ₹50 (15mm मीटर के लिए) लागू होगा.
गुरुग्राम में हर साल गर्मियों के दौरान पानी की कमी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है. कई इलाकों में सुबह से ही पानी भरने के लिए लंबी लाइनें लग जाती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है. इसी बीच अब शहरवासियों को एक और झटका लगा है. नगर निगम ने पेयजल की नई दरें लागू कर दी हैं, जिससे अब लोगों को पानी के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना होगा. नई व्यवस्था के तहत वर्ष 2024 से 2027 तक प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पानी के बिल में लगभग पांच प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि की जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक, निगम का कहना है कि बढ़ती आबादी, पानी की बर्बादी और जलापूर्ति व्यवस्था पर बढ़ते खर्च को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में लाखों संपत्तियां दर्ज हैं, लेकिन पानी के वैध कनेक्शन बहुत कम लोगों के पास हैं. बड़ी संख्या में लोग बिना अनुमति के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे जल संकट लगातार गहरा रहा है. कई घरों में अब तक पानी के मीटर भी नहीं लगाए गए हैं, जिसके कारण पानी की खपत का सही अंदाजा नहीं लग लग पाता है. निगम अब इस स्थिति को बदलने की तैयारी में है, ताकि इस संकट पर काबू पाया जा सके. प्रशासन का मानना है कि नई दरों और सख्त नियमों से लोग पानी का उपयोग सोच-समझकर करेंगे और अनावश्यक बर्बादी पर रोक लगेगी. इसके साथ ही निगम आने वाले समय में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाने की योजना बना रहा है.
अवैध कनेक्शन वालों पर सख्ती
नगर निगम अब अवैध पानी कनेक्शनों पर कड़ा एक्शन लेने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए योग्य और अनुभवी प्लंबरों को अधिकृत रूप से पंजीकृत किया जाएगा. जिन प्लंबरों के पास प्लंबिंग से जुड़ा डिप्लोमा या कई सालों का अनुभव होगा, उन्हें नगर निगम के साथ काम करने का मौका मिलेगा. खास बात यह है कि अधिकृत प्लंबरों को नए जल कनेक्शन या डिस्कनेक्शन पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी. वहीं अगर कोई प्लंबर किसी अवैध पानी कनेक्शन की सही जानकारी निगम को देता है, तो उसे अलग से इनाम भी मिलेगा. निगम को उम्मीद है कि इससे गैरकानूनी कनेक्शनों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और पानी की चोरी कम होगी.
सोसाइटी, दुकानों और उद्योगों के लिए भी बढ़ीं पानी की दरें
नई व्यवस्था के तहत ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, संस्थानों, दुकानों और उद्योगों के लिए भी पानी की दरों में बदलाव किया गया है. घरेलू उपयोग से ज्यादा पानी खर्च करने वालों को अब ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा और लेट पेमेंट करने पर अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा. पानी का कनेक्शन काटने और दोबारा जोड़ने के लिए अलग फीस तय की गई है. नगर निगम का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य सिर्फ राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि शहर में पानी की उपलब्धता को बेहतर बनाना और भविष्य के जल संकट से बचाव करना भी है.
ग्रुपहाउसिंग सोसाइटी में दर
2026 में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों के लिए, 20 किलोलीटर तक की खपत पर ₹6.08 प्रति किलोलीटर का शुल्क लगेगा, और इस सीमा से ज़्यादा खपत होने पर ₹12.16 प्रति किलोलीटर का शुल्क लगेगा. संस्थागत श्रेणी में, दर ₹12.16 प्रति किलोलीटर तय की गई है, जबकि औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणियों के लिए, दर ₹18.23 प्रति किलोलीटर तय की गई है. इसके अलावा, मौजूदा बिल के 10% के बराबर विलंब भुगतान शुल्क, ₹1,000 का डिस्कनेक्शन/रीकनेक्शन शुल्क, और ₹50 का मीटर टेस्टिंग शुल्क (15mm मीटर के लिए) लागू होगा.
गुरुग्राम में हर साल गर्मियों के दौरान पानी की कमी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है. कई इलाकों में सुबह से ही पानी भरने के लिए लंबी लाइनें लग जाती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में लोगों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है. इसी बीच अब शहरवासियों को एक और झटका लगा है. नगर निगम ने पेयजल की नई दरें लागू कर दी हैं, जिससे अब लोगों को पानी के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना होगा. नई व्यवस्था के तहत वर्ष 2024 से 2027 तक प्रत्येक वित्तीय वर्ष में पानी के बिल में लगभग पांच प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि की जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक, निगम का कहना है कि बढ़ती आबादी, पानी की बर्बादी और जलापूर्ति व्यवस्था पर बढ़ते खर्च को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में लाखों संपत्तियां दर्ज हैं, लेकिन पानी के वैध कनेक्शन बहुत कम लोगों के पास हैं. बड़ी संख्या में लोग बिना अनुमति के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे जल संकट लगातार गहरा रहा है. कई घरों में अब तक पानी के मीटर भी नहीं लगाए गए हैं, जिसके कारण पानी की खपत का सही अंदाजा नहीं लग लग पाता है. निगम अब इस स्थिति को बदलने की तैयारी में है, ताकि इस संकट पर काबू पाया जा सके. प्रशासन का मानना है कि नई दरों और सख्त नियमों से लोग पानी का उपयोग सोच-समझकर करेंगे और अनावश्यक बर्बादी पर रोक लगेगी. इसके साथ ही निगम आने वाले समय में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाने की योजना बना रहा है.
अवैध कनेक्शन वालों पर सख्ती
नगर निगम अब अवैध पानी कनेक्शनों पर कड़ा एक्शन लेने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए योग्य और अनुभवी प्लंबरों को अधिकृत रूप से पंजीकृत किया जाएगा. जिन प्लंबरों के पास प्लंबिंग से जुड़ा डिप्लोमा या कई सालों का अनुभव होगा, उन्हें नगर निगम के साथ काम करने का मौका मिलेगा. खास बात यह है कि अधिकृत प्लंबरों को नए जल कनेक्शन या डिस्कनेक्शन पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी. वहीं अगर कोई प्लंबर किसी अवैध पानी कनेक्शन की सही जानकारी निगम को देता है, तो उसे अलग से इनाम भी मिलेगा. निगम को उम्मीद है कि इससे गैरकानूनी कनेक्शनों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और पानी की चोरी कम होगी.
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सोसाइटी, दुकानों और उद्योगों के लिए भी बढ़ीं पानी की दरें
नई व्यवस्था के तहत ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, संस्थानों, दुकानों और उद्योगों के लिए भी पानी की दरों में बदलाव किया गया है. घरेलू उपयोग से ज्यादा पानी खर्च करने वालों को अब ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा और लेट पेमेंट करने पर अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा. पानी का कनेक्शन काटने और दोबारा जोड़ने के लिए अलग फीस तय की गई है. नगर निगम का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य सिर्फ राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि शहर में पानी की उपलब्धता को बेहतर बनाना और भविष्य के जल संकट से बचाव करना भी है.
ग्रुपहाउसिंग सोसाइटी में दर
2026 में ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों के लिए, 20 किलोलीटर तक की खपत पर ₹6.08 प्रति किलोलीटर का शुल्क लगेगा, और इस सीमा से ज़्यादा खपत होने पर ₹12.16 प्रति किलोलीटर का शुल्क लगेगा. संस्थागत श्रेणी में, दर ₹12.16 प्रति किलोलीटर तय की गई है, जबकि औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणियों के लिए, दर ₹18.23 प्रति किलोलीटर तय की गई है. इसके अलावा, मौजूदा बिल के 10% के बराबर विलंब भुगतान शुल्क, ₹1,000 का डिस्कनेक्शन/रीकनेक्शन शुल्क, और ₹50 का मीटर टेस्टिंग शुल्क (15mm मीटर के लिए) लागू होगा.