गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने परिवार के साथ अहमदाबाद के नारायणपुरा इलाके के मतदान केंद्र में मताधिकार का प्रयोग किया
यहां बता दे कि राज्य की 393 स्थानीय स्वराज संस्थाओं में होने वाले चुनाव इस बार बेहद व्यापक और संगठित स्तर पर आयोजित किए गए हैं.
राज्यभर में कुल 9992 सीटों के लिए मतदान हो रहा है . इसके लिए 7241 मतदान मंडलों के अंतर्गत 49,591 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए 4,49,097 से अधिक पोलिंग स्टाफ तैनात किया गया है. इसके अलावा 996 रिटर्निंग ऑफिसर और 1266 एआरओ असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे.
इस चुनाव में कुल 4,18,91,747 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे, जिनमें 2.16 करोड़ पुरुष, 2.02 करोड़ महिला और 965 अन्य मतदाता शामिल हैं. चुनाव से पहले ही 730 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं. इनमें भारतीय जनता पार्टी का दबदबा साफ दिखाई देता है. 730 में से 715 सीटें बीजेपी के खाते में गई हैं, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 12 सीटें और 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं.
महानगरपालिकाओं में 43 सीटें, नगरपालिकाओं में 385 सीटें, जिला पंचायत में 51 और तालुका पंचायत में 251 सीटें निर्विरोध रही हैं जिनमें अधिकांश पर बीजेपी का कब्जा है. अहमदाबाद जिले में भी चुनावी माहौल गर्म है. यहां वासणा और थलतेज की दो सीटें निर्विरोध रही हैं. इसके अलावा जिला पंचायत की 36 सीटें और विरमगाम व धोलका नगरपालिकाओं की कई सीटों पर भी बिना मुकाबले परिणाम घोषित हो चुके हैं.
महानगरपालिकाओं में 3197 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें बीजेपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम समेत कई दलों के प्रत्याशी शामिल हैं. नगरपालिकाओं में 5443, जिला पंचायत में 3060 और तालुका पंचायत में 13,881 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. उम्मीदवारों के निधन के कारण बावला, बारडोली और साबरकांठा की तीन सीटों पर चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं. इन सीटों के लिए बाद में नई तारीख घोषित की जाएगी.
चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. डॉ. के.एल.एन. राव की अगुवाई में हुई बैठक में 59,525 होमगार्ड और जीआरडी जवानों के साथ 41,383 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया गया है.
वहीं, गर्मी को ध्यान में रखते हुए हर मतदान केंद्र पर मेडिकल वैन, 108 एंबुलेंस, हीट वेव किट और ओआरएस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. कुल मिलाकर, गुजरात में होने वाले ये स्थानीय निकाय चुनाव लोकतंत्र के बड़े पर्व के रूप में तैयार हैं, जहां करोड़ों मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने परिवार के साथ अहमदाबाद के नारायणपुरा इलाके के मतदान केंद्र में मताधिकार का प्रयोग किया
यहां बता दे कि राज्य की 393 स्थानीय स्वराज संस्थाओं में होने वाले चुनाव इस बार बेहद व्यापक और संगठित स्तर पर आयोजित किए गए हैं.
राज्यभर में कुल 9992 सीटों के लिए मतदान हो रहा है . इसके लिए 7241 मतदान मंडलों के अंतर्गत 49,591 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए 4,49,097 से अधिक पोलिंग स्टाफ तैनात किया गया है. इसके अलावा 996 रिटर्निंग ऑफिसर और 1266 एआरओ असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे.
इस चुनाव में कुल 4,18,91,747 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे, जिनमें 2.16 करोड़ पुरुष, 2.02 करोड़ महिला और 965 अन्य मतदाता शामिल हैं. चुनाव से पहले ही 730 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं. इनमें भारतीय जनता पार्टी का दबदबा साफ दिखाई देता है. 730 में से 715 सीटें बीजेपी के खाते में गई हैं, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 12 सीटें और 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं.
महानगरपालिकाओं में 43 सीटें, नगरपालिकाओं में 385 सीटें, जिला पंचायत में 51 और तालुका पंचायत में 251 सीटें निर्विरोध रही हैं जिनमें अधिकांश पर बीजेपी का कब्जा है. अहमदाबाद जिले में भी चुनावी माहौल गर्म है. यहां वासणा और थलतेज की दो सीटें निर्विरोध रही हैं. इसके अलावा जिला पंचायत की 36 सीटें और विरमगाम व धोलका नगरपालिकाओं की कई सीटों पर भी बिना मुकाबले परिणाम घोषित हो चुके हैं.
महानगरपालिकाओं में 3197 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें बीजेपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम समेत कई दलों के प्रत्याशी शामिल हैं. नगरपालिकाओं में 5443, जिला पंचायत में 3060 और तालुका पंचायत में 13,881 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. उम्मीदवारों के निधन के कारण बावला, बारडोली और साबरकांठा की तीन सीटों पर चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं. इन सीटों के लिए बाद में नई तारीख घोषित की जाएगी.
चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. डॉ. के.एल.एन. राव की अगुवाई में हुई बैठक में 59,525 होमगार्ड और जीआरडी जवानों के साथ 41,383 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया गया है.
वहीं, गर्मी को ध्यान में रखते हुए हर मतदान केंद्र पर मेडिकल वैन, 108 एंबुलेंस, हीट वेव किट और ओआरएस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. कुल मिलाकर, गुजरात में होने वाले ये स्थानीय निकाय चुनाव लोकतंत्र के बड़े पर्व के रूप में तैयार हैं, जहां करोड़ों मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.