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गुजरात सरकार 80 नगर पालिकाओं को बनाएगी आत्मनिर्भर, शुरू की सौर ऊर्जा प्रीजैकेट

स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना (SJMMSVY) के तहत राज्य के शहरों में जलापूर्ति और अंडरग्राउंड ड्रेनेज योजनाओं का प्रभावी और कुशल कार्यान्वयन गुजरात जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड और गुजरात शहरी विकास कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।

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गुजरात के अहमदाबाद जिले में स्थित छोटा सा गांव बरेजा में प्रथम चरण में 50 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें सौर ऊर्जा परियोजना में राज्य की कुल 80 नगर पालिकाओं में से 31 “ए” श्रेणी की नगर पालिकाएं, 20 “बी” श्रेणी की नगर पालिकाएं, 25 “के” श्रेणी की नगर पालिकाएं तथा 4 “डी” श्रेणी की नगर पालिकाएं शामिल हैं। बता दें, बरेजा नगर पालिका के पंपिंग स्टेशन पर सौर ऊर्जा के जरिए बिजली उपलब्ध कराने के संबंध में गुजरात विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि बरेजा नगर पालिका की ओर से कुल 13 स्थानों पर सौर संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव मिला हुआ था। जिसमें 8 ट्यूबवेल, 4 पंपिंग स्टेशन, 1 एसटीपी शामिल हैं।

बरेजा नगर पालिका का महिजदा पाटिया एसटीपी 99 किलोवाट क्षमता पर 86.21 लाख रुपये की लागत से सौर ऊर्जा परियोजना लगाने का काम प्रगति पर है। जो काम किया गया इसे 31.03.2025 तक पूरा करने की योजना है। इस परियोजना से हर साल 1,44,000 यूनिट बिजली उत्पन्न होने का अनुमान है।

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स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना 

मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना (SJMMSVY) के तहत राज्य के शहरों में वाटर सप्लाई और अंडरग्राउंड ड्रेनेज योजनाओं का प्रभावी और कुशल तरीके से अमल करने को गुजरात जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड और गुजरात शहरी विकास कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। भूमिगत सीवरेज योजना के अंतर्गत अपशिष्ट जल के शुद्धिकरण के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा जलापूर्ति योजना में पेयजल के शुद्धिकरण के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की योजना बनाई गई है।

सीवेज उपचार संयंत्रों, जल उपचार संयंत्रों, पंपिंग स्टेशनों आदि के संचालन में बिजली की खपत बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसके परिणामस्वरूप भारी बिजली बिलों के कारण नगर पालिकाओं पर भारी वित्तीय बोझ पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एसटीपी, डब्ल्यूटीपी, पम्पिंग स्टेशन, वॉटर प्लांट/नगरपालिका के स्वामित्व वाले निर्माण क्षेत्रों के परिसर में सोलर प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है, ताकि सोलर प्लांट के जरिए बिजली पैदा करके बाहरी बिजली की खपत को कम किया जा सके, ताकि गुजरात राज्य की नगरपालिकाएं आत्मनिर्भर बन सकें और सभी योजनाओं का प्रबंधन स्वतंत्र रूप से किया जा सके।

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First published on: Mar 25, 2025 12:45 PM

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