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हेल्थ इंश्योरेंस लेने पर भी नहीं मिलेगा कैशलेस इलाज, अहमदाबाद में इन कंपनियों पर लागू होगा रूल

अहमदाबाद के अस्पतालों और नर्सिंग होम में 1 अप्रैल 2025 से हेल्थ इंश्योरेंस के बावजूद कैशलेस इलाज की सुविधा बंद हो जाएगी। स्टार हेल्थ और टाटा एआईजी पॉलिसी धारकों पर लागू होगा यह नया नियम जिसमें पिसेगा आम आदमी, जानें क्या है पूरा मामला।

Health Insurance New Rules: अहमदाबाद के अस्पतालों और नर्सिंग होम में अब हेल्थ इंश्योरेंस होने के बाद भी कैशलेस इलाज नहीं करा पाएंगे। ये नया नियम 1 अप्रैल 2025 से स्टार हेल्थ (Star Health) और टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस (Tata AIG General Insurance) पॉलिसीहोल्डर के लिए लागू हो जाएगा और उनकी कैशलेस सेवाएं सस्पेंड कर दी हैं। ऐसे में अगर आप भी इन कंपनियों के पॉलिसीहोल्डर हैं तो आपके लिए कहीं न कहीं बुरी खबर है। आइए जानते हैं की क्यों लिया गया ये फैसला?

क्यों लिया गया बड़ा फैसला

अब सवाल ये उठता है कि अगर हेस्थ इंश्योरेंस लेने के बाद भी कैशलेस इलाज नहीं मिलेगा तो उसका क्या फायदा? दरअसल ये फैसला अनुचित कटौतियों, कम रिंबर्समेंट रेट्स, टैरिफ रेट्स का नॉन- रिन्यूअल और इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से अस्पतालों को एकतरफा ब्लैक लिस्ट में डालने से जुड़ी चिंताओं के बाद लिया गया है। लेकिन इसमें आम इंसान पिस रहा है जिसका न तो अस्पतालों को ख्याल आया और न ही हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को।

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कब से लागू होंगे ये रुल्स

ये नए नियम 1 अप्रैल 2025 से अहमदाबाद के अस्पतालों में और नर्सिंग होम में लागू हो जाएंगे। अस्पतालों ने बताया कि क्यों ये बदलाव किए जा रहे हैं। उनका तर्क है कि इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से पेमेंट में देरी होना, कम पेमेंट आना आदि की वजह से कैशलेस सुविधा को जारी रखना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि इससे हॉस्पिटलों और नर्सिंग होम्स पर फाइनेंशियल दबाव पड़ रहे हैं जो जिससे हानि का सामना करना पड़ रहा है।

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मरीजों के लिए बड़ी चुनौती बने नए नियम

हालांकि अस्पतालों, नर्सिंग होम और इंश्योरेंस कंपनी ने तो फैसला कर लिया कि कैशलेस इलाज का नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू कर दिया जाएगा। लेकिन दोनों में से किसी ने भी आम जनता के बारे में नहीं सोचा जिनके लिए इंश्योरेंस कंपनी ही एकमात्र सहारा थीं। सरकारी अस्पतालों को पोल तो पहले से ही खुली हुई है कि कैसे वहां पर इलाज के नाम पर कई बार खानापूर्ति कर दी जाती है। लेकिन अब प्राइवेट सेक्टर ने भी लगता है मुंह मोड़ लिया है। अब मेडिकल एक्सपेंस का पेमेंट करना होगा लेकिन बाद में रिंबर्समेंट के लिए क्लेम कर सकते हैं।

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First published on: Mar 13, 2025 07:46 AM

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