---विज्ञापन---

‘गोवा में चुनाव जीते तो 5 दिनों में बैन होगा E20 पेट्रोल’, अरविंद केजरीवाल ने किया बड़ा ऐलान

Arvind Kejriwal: अरविंद केजरीवाद ने गोवा के दौरे पर वहां की जनता से बड़ा वादा करते हुए कहा कि अगर साल 2027 में उनकी सरकार इस राज्य में बनती है, तो एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर 5 दिनों की अंदर बैन लगा दिया जाएगा.

---विज्ञापन---

Arvind Kejriwal Promises to Ban E20 Petrol in Goa: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ऐलान कि है कि 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बनने के 5 दिनों के भीतर उनकी पार्टी गोवा में E20 पेट्रोल की बिक्री पर रोक लगा देगी. केजरीवाल ने ये वादा बीजेपी-शासित राज्य की अपनी 2 दिन की यात्रा के दौरान एथेनॉल पर फोकस्ड एक टाउन हॉल में की.


राजनीति छोड़ने की शर्त पर वादा

केजरीवाल ने कहा कि अगर 10 मार्च 2027 के बाद AAP सत्ता में आती है, तो इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल को 5 दिनों के भीतर राज्य के बाजार से हटा दिया जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि अगर ये वादा पूरा नहीं हुआ तो वे राजनीति छोड़ देंगे. गोवा की 40 मेंबर वाली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के अभी 2 विधायक हैं और अगला चुनाव मार्च 2027 में होने की उम्मीद है.

---विज्ञापन---

‘9 ऑटो कंपनियों ने E20 को बताया खतरनाक’

केजरीवाल ने दावा किया कि उन्होंने 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों से संपर्क करके पूछा था कि क्या 2023 से पहले बनी गाड़ियां E20 फ्यूल पर सुरक्षित रूप से चल सकती हैं. उनके मुताबिक कंपनियों ने कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया, जबकि 9 कंपनियों के रिप्रेजेंटेटिव्स ने निजी तौर पर चिंता जताई. उन्होंने दावा किया कि इन अधिकारियों का मानना ​​था कि E20 से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को गंभीर खतरा हो सकता है, लेकिन ई़़डी, सीबीआई और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के दबाव के कारण वो खुलकर से इस नीति की आलोचना करने को तैयार नहीं थे.

---विज्ञापन---

E20 का चीनी की कीमतों से कनेक्शन?

दिल्ली के पूर्व सीएम ने इथेनॉल प्रोडक्शन की भी आलोचना की और इसे चीनी की बढ़ती कीमतों से जोड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि तकरीबन 25 लाख टन चीनी के बराबर गन्ना इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल किया गया, जिससे डोमेस्टिक लेवल पर शुगर की अवेलेबिलिटी कम हो गई. उन्होंने दावा किया कि जुलाई के आखिर में चीनी की कीमत करीब 45 रुपये प्रति किलो थी, जो एक महीने के भीतर कुछ बाजारों में 70 रुपये प्रति किलो को पार कर गई.

केंद्र ने किया बचाव

हालांकि केंद्र सरकार ने इस बढ़ोतरी के लिए कई वजहें बताई हैं, जिनमें कम उत्पादन, फेस्टिवल के वक्त डिमांड, फसल को नुकसान, ग्लोबल सप्लाई के हालात, सट्टेबाजी और जमाखोरी शामिल हैं. केजरीवाल ने सरकार के विदेशी मुद्रा बचाने वाले तर्क पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कच्चे तेल का आयात कम होने से जो बचत होगी, वो चीनी और दूसरी चीजों के आयात बढ़ने से खत्म हो सकती है.

---विज्ञापन---

First published on: Aug 25, 2026 05:59 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola