हाल में दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में विदेशी नागरिक से हुई हजारों डॉलर की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि इस वारदात के पीछे बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा था और पूरी साजिश बच्चों के पिता ने ही रची थी। यह मामला 15 जनवरी 2026 का है। उज्बेकिस्तान का एक नागरिक अपनी नाबालिग बेटी के कैंसर के इलाज के लिए गुरुग्राम आया हुआ था। वह परिवार के साथ जामा मस्जिद मार्केट घूमने और खरीदारी करने पहुंचा था। उसके स्लिंग बैग में 7200 अमेरिकी डॉलर (100 डॉलर के 72 नोट) रखे थे। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर किसी ने उसके बैग से पूरी रकम पार कर दी।
विदेशी नागरिक और उसकी बेटी की गंभीर बीमारी को देखते हुए पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानकर तुरंत जांच शुरू की। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और तकनीकी निगरानी के जरिए दो नाबालिग भाई-बहन की पहचान हुई, जो न्यू सीलमपुर के रहने वाले हैं। जांच में खुलासा हुआ कि दोनों बच्चे अपने पिता के कहने पर चोरी करते थे। पिता ही इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड निकला। वह बच्चों से वारदात करवाकर खुद चोरी की रकम अपने पास रखता था, ताकि सीधे तौर पर उसका नाम सामने न आए।
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पुलिस ने दोनों नाबालिगों को पकड़ लिया और उनके पिता को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी पहले भी लूट के एक गंभीर मामले में शामिल रह चुका है। बच्चों के खिलाफ भी अलग-अलग थानों में चोरी के मामले दर्ज हैं।
बरामदगी में पुलिस ने आरोपी पिता से 2500 अमेरिकी डॉलर और पीड़ित का एटीएम कार्ड बरामद किया। उसके घर से 4000 अमेरिकी डॉलर और मिले। चोरी की रकम से खरीदा गया करीब 48 हजार रुपये का एक मोबाइल फोन और 4700 रुपये नकद भी जब्त किए गए। कुल मिलाकर करीब 7082 अमेरिकी डॉलर की रिकवरी हुई, जो चोरी गई रकम का लगभग 98 फीसदी है।
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हाल में दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में विदेशी नागरिक से हुई हजारों डॉलर की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि इस वारदात के पीछे बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा था और पूरी साजिश बच्चों के पिता ने ही रची थी। यह मामला 15 जनवरी 2026 का है। उज्बेकिस्तान का एक नागरिक अपनी नाबालिग बेटी के कैंसर के इलाज के लिए गुरुग्राम आया हुआ था। वह परिवार के साथ जामा मस्जिद मार्केट घूमने और खरीदारी करने पहुंचा था। उसके स्लिंग बैग में 7200 अमेरिकी डॉलर (100 डॉलर के 72 नोट) रखे थे। भीड़भाड़ का फायदा उठाकर किसी ने उसके बैग से पूरी रकम पार कर दी।
विदेशी नागरिक और उसकी बेटी की गंभीर बीमारी को देखते हुए पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानकर तुरंत जांच शुरू की। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और तकनीकी निगरानी के जरिए दो नाबालिग भाई-बहन की पहचान हुई, जो न्यू सीलमपुर के रहने वाले हैं। जांच में खुलासा हुआ कि दोनों बच्चे अपने पिता के कहने पर चोरी करते थे। पिता ही इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड निकला। वह बच्चों से वारदात करवाकर खुद चोरी की रकम अपने पास रखता था, ताकि सीधे तौर पर उसका नाम सामने न आए।
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बरामदगी में पुलिस ने आरोपी पिता से 2500 अमेरिकी डॉलर और पीड़ित का एटीएम कार्ड बरामद किया। उसके घर से 4000 अमेरिकी डॉलर और मिले। चोरी की रकम से खरीदा गया करीब 48 हजार रुपये का एक मोबाइल फोन और 4700 रुपये नकद भी जब्त किए गए। कुल मिलाकर करीब 7082 अमेरिकी डॉलर की रिकवरी हुई, जो चोरी गई रकम का लगभग 98 फीसदी है।
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