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Delhi Metro: कालिंदी कुंज से सीधे जुड़ जाएगा तुगलकाबाद, जानिए कब तक चालू होगा ये नया मेट्रो रूट

Delhi Metro Golden Line: दिल्ली मेट्रो का लगातार विस्तार हो रहा है, और अब हम कालिंदी कुंज को तुगलकाबाद से सीधे जुड़ते हुए देखेंगे. दरअसर डीएमआरसी ने गोल्डन लाइन के एक्सपेंशन का प्लान बनाया है जो साल 2028 तक पूरा हो सकता है. इससे कई इलाके के लोगों का सफर आसान हो जाएगा.

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मुख्य बिंदु

  • ये नया कॉरिडोर 3.9 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 4 मेट्रो स्टेशन होंगे.
  • ये गोल्डन, मैजेंटा और वायलेट मेट्रो लाइनों को जोड़ेगा.
  • कालिंदी कुंज और तुगलकाबाद में 2 नए इंटरचेंज स्टेशन बनाए जाएंगे.
  • इस प्रोजेक्ट के 2028 के आखिर तक पूरा होने की उम्मीद है.
  • ये रूट नोएडा, फरीदाबाद, साउथ दिल्ली और IGI एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी बेहतर करेगा.

Delhi Metro Kalindi Kunj Tughlaqabad Corridor: डीएमआरसी अपने मेट्रो एस्पेंशन प्रोजेक्ट के तहत गोल्डन लाइन के एक अहम हिस्से, 3.9 किलोमीटर लंबे कालिंदी कुंज-तुगलकाबाद कॉरिडोर को बनाकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने जा रही है. उम्मीद है कि इस नए रूट से दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच सफर बेहतर होगा और साथ ही यमुना रिवरफ्रंट और आस-पास के रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी.

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कितने स्टेशंस बनाए जाएंगे?

इस कॉरिडोर में 4 मेट्रो स्टेशन होंगे, जिनमें एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे. सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज को एलिवेटेड स्टेशंस के तौर पर विकसित किया जाएगा, जबकि तुगलकाबाद स्टेशन जमीन के नीचे बनाया जाएगा. ये सभी स्टेशन मिलकर 3.9 किलोमीटर का पूरा सेक्शन बनाएंगे, जिससे घनी आबादी वाले कई इलाकों तक बेहतर पहुंच मिलेगी.

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इंटरचेंज स्टेशंस से कनेक्टिविटी

इस प्रोजेक्ट की एक बड़ी खासियत 2 नए इंटरचेंज स्टेशनों का निर्माण है. कालिंदी कुंज स्टेशन गोल्डन लाइन और मैजेंटा लाइन के बीच इंटरचेंज का काम करेगा, जबकि तुगलकाबाद स्टेशन गोल्डन लाइन को वॉयलेट लाइन से जोड़ेगा. उम्मीद है कि इन इंटरचेंज से यात्रियों के लिए अलग-अलग बड़े कॉरिडोर के बीच आसानी से आना-जाना मुमकिन होगा, जिससे मेट्रो का सफर और सुविधाजनक हो जाएगी.

किन इलाकों को होगा फायदा

इस नए कॉरिडोर से दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में कनेक्टिविटी बेहतर होने की भी उम्मीद है, जिससे रिहायशी इलाकों के साथ-साथ तेजी से बढ़ रहे इंडस्ट्रियल और बिजनेस जोन को भी फ़ायदा होगा. यात्रियों के लिए साकेत, छतरपुर, नोएडा, फरीदाबाद, दक्षिण दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली जैसी जगहों तक पहुंचना आसान हो जाएगा, जिससे रोजाना के ट्रैवल के लिए रोड ट्रांस्पोर्ट पर डिपेंडेंसी कम होगी.

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2 साल में पूरा होगा काम!

कालिंदी कुंज-तुगलकाबाद सेक्शन DMRC के फेज V(A) एक्सपेंशन प्लान का हिस्सा है और इसे 2028 के आखिर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही, फेज IV के कई मेट्रो कॉरिडोर पर भी काम चल रहा है, जिनमें गोल्डन, मैजेंटा और रेड लाइनों का विस्तार शामिल है, जिससे दिल्ली का रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क और बढ़ेगा.

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IGI एयरपोर्ट जाना होगा आसान

DMRC के मुताबिक, इस नए कॉरिडोर से नोएडा, फरीदाबाद और दिल्ली को जोड़ने वाली अहम सड़कों पर ट्रैफिक जाम कम होने की उम्मीद है. साथ ही, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के ज्यादा इस्तेमाल को बढ़ावा देकर गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को भी कम किया जा सकेगा. एयरोसिटी-तुगलकाबाद रूट के विस्तार के तौर पर, ये कॉरिडोर इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा, जिससे मुसाफिर मेट्रो नेटवर्क के जरिए घरेलू और इंटरनेशनल दोनों टर्मिनल तक ज्यादा आसानी से पहुंच सकेंगे.

निष्कर्ष

कालिंदी कुंज-तुगलकाबाद मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है. पूरा होने पर, ये दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के अहम इलाकों के बीच तेज और आरामदायक सफर की सुविधा देगा और शहर के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जुड़ाव को मजबूत करेगा. रोजाना आने-जाने में आसानी के अलावा, इस प्रोजेक्ट से ट्रैफिक जाम कम होने, प्रदूषण का स्तर घटने और एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है, जिससे यह दिल्ली के तेजी से बढ़ते शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक अहम हिस्सा बन जाएगा.

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Frequently Asked Questions

नया दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर 3.9 किलोमीटर लंबा होगा.
इस कॉरिडोर में 4 स्टेशन होंगे, जिनमें 3 एलिवेटेड और एक अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल हैं.
ये नए इंटरचेंज स्टेशंस के जरिए गोल्डन लाइन, मैजेंटा लाइन और वायलेट लाइन जुड़ जाएंगे.
इस कॉरिडोर के 2028 के आखिर तक पूरा होने की उम्मीद है.
इस प्रोजेक्ट से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रा का समय कम होगा, सड़कों पर भीड़ कम होगी, प्रदूषण घटेगा और नोएडा, फरीदाबाद, साउथ दिल्ली और IGI एयरपोर्ट तक बेहतर पहुंच मिलेगी.
First published on: Jul 06, 2026 12:36 PM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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