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‘फेस रिकॉग्नाइजेशन से निगरानी का आरोप गलत’, CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से क्या कहा?

दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के आरोप पर भी जवाब दिया. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से इनकार किया है.

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जंतर-मंतर पर पिछले महीने हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आंदोलन के दौरान फेस रिकॉग्नाइजेशन तकनीक के जरिए प्रदर्शनकारियों की निगरानी के मामले में दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है. दिल्ली पुलिस ने छात्रों की बड़े स्तर पर डिजिटल निगरानी किए जाने के आरोपों को गलत बताया है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में पुलिस ने कहा कि फेस रिकॉग्नाइजेशन सिस्टम का इस्तेमाल वहां मौजूद हर व्यक्ति की पहचान या प्रोफाइल तैयार करने के लिए नहीं किया गया था.

क्यों किया गया फेस रिकॉग्नाइजेशन सिस्टम का इस्तेमाल?


दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस तकनीक के जरिए सिर्फ उन्हीं लोगों की पहचान की गई, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों या वहां मौजूद अन्य लोगों के खिलाफ इस तकनीक के आधार पर कोई जांच नहीं की जा रही है. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और गंभीर आपराधिक मामलों में वॉन्टेड या आरोपी संदिग्ध की पहचान के लिए की गई थी.

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2873 लोगों के खिलाफ लिया जाएगा एक्शन


हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया कि पुलिस कमिश्नर की ओर से गठित विशेष जांच टीम ने हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, बलात्कार और POCSO जैसे गंभीर अपराधों के आरोपों वाले 2,873 लोगों की पहचान की गई है. पुलिस के अनुसार, जांच की कार्रवाई इन्हीं 2,873 संदिग्ध तक ही सीमित रहेगी और दूसरे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस आधार पर कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा.

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छात्रों पर नहीं किया ज्यादा बल का प्रयोग


दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के आरोप पर भी जवाब दिया. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से इनकार किया है. पुलिस के मुताबिक, बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश की थी. इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. हालांकि, प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन चलाने का आदेश किसके निर्देश पर दिया गया, इस सवाल पर दाखिल याचिका पर भी कोर्ट सुनवाई करेगा.

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First published on: Aug 18, 2026 01:33 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

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