Matia Mahal Assembly Election Result : मटिया महल विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है। भाजपा की उम्मीदवार दीप्ति इंदौरा को हार का सामना करना पड़ा है। इस सीट पर आप उम्मीदवार ने बड़ी जीत दर्ज की है।
किसके-किसके बीच था मुकाबला?
मटिया महल विधानसभा सीट पर वैसे तो 7 उम्मीदवार मैदान में थे लेकिन मुख्य मुकाबला तीन लोगों के बीच था। आप, कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवारों में कड़ी टक्कर देखने को मिली। आम आदमी पार्टी ने आले मोहम्मद इकबाल को टिकट दिया जबकि कांग्रेस ने आसिम अहमद खान को और भाजपा ने दीप्ति इंदौरा को टिकट दिया।
यहां देखें नतीजे
| पार्टी का नाम |
प्रत्याशी का नाम |
वोटों की संख्या |
जीत/हार |
| भाजपा |
दीप्ति इंदौरा |
15396 |
हार |
| कांग्रेस |
आसिम अहमद खान |
10295 |
हार |
| आप |
आले मोहम्मद इकबाल |
58120 |
जीत |
कौन हैं AAP कैंडीडेट आले मोहम्मद इकबाल?
आले मोहम्मद इकबाल छ: बार विधायक रहे शोएब इकबाल के पुत्र हैं। शोएब इकबाल पांच पार्टियों में रहते हुए छ: बार विधायक रह चुके हैं। साल 2015 के विधानसभा चुनाव को छोड़कर 1993 से लगातार शोएब इकबाल इस सीट से विधायक चुने जीत रहे हैं। साल 2015 में मिली हार के बाद शोएब ने 2020 में AAP के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत गए। साल 2025 में शोएब की जगह उनके बेटे आले मोहम्मद इकबाल को AAP ने टिकट दिया है।
आसिम अहमद खान
आसिम अहमद खान आम आदमी पार्टी के टिकट पर 2015 में चुनाव जीतकर विधायक बने थे। तब आप के टिकट पर कांग्रेस प्रत्याशी को 26 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। विधायक बनने के बाद केजरीवाल सरकार में उन्हें खाद्य, नागरिक आपूर्ति और अल्पसंख्यक विभागों समेत कई मंत्रालय मिले थे लेकिन 2015 में रिश्वत मांगने का उनका एक ऑडियो वायरल हुआ तो उन्हें मंत्रालय से बाहर कर दिया। इसके बाद केजरीवाल से नाराज हो गए और फिर कांग्रेस में शामिल हो गए. इस बार वह कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं।
दीप्ति इंदौरा
दीप्ति इंदौरा भाजपा की नेत्री हैं। इस बार इनके सिर पर बड़ी जिम्मेदारी है और मटिया महल सीट से एकलौती महिला उम्मीदवार हैं। इस सीट पर पर भाजपा का जनाधार कम है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि क्या दीप्ति इस सीट पर सवालों से चले आ रहे समीकरण को बदल पाएंगी।
मतगणना केंद्रों पर CAPF की 38 कंपनियां
दिल्ली में वोटों की गिनती 19 मतगणना केंद्रों पर होगी। सभी मतगणना केंद्रों किले में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, स्ट्रांग रूम सहित मतों की गिनती वाले स्थान की सुरक्षा अर्धसैनिक बल के जवान करेंगे। सभी मतगणना केंद्र पर सीएपीएफ की दो कंपनियां तैनात रहेंगी। दिल्ली में मतगणना केंद्रों पर सीएपीएफ की कुल 38 कंपनियों को लगाया गया है।