सुरक्षा के लिए सिर्फ महिलाओं को ही जिम्मेदार क्यों ठहराया जाए? CM रेखा गुप्ता ने लड़कों की परवरिश पर उठाया सवाल

CM रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में जब भी महिलाओं और लड़कियों से जुड़ी आपराधिक घटनाएं सामने आती हैं, तो अक्सर परिवार और समाज की पहली प्रतिक्रिया लड़कियों पर पाबंदी लगाने की होती है.

CM rekha Gupta

लड़कों के व्यवहार और उनकी परवरिश पर भी उतनी ही चर्चा होनी चाहिए. (Photo: ANI)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि सुरक्षा के नाम पर सिर्फ लड़कियों पर पाबंदियां लगाना समस्या का समाधान नहीं है. सीएम रेखा ने समाज में लड़कों की परवरिश, उनके व्यवहार और महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत बताई. सीएम रेखा ने आगे कहा कि महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल परिवार की नहीं, बल्कि पुलिस, प्रशासन और न्याय व्यवस्था की भी है.

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लड़कों की परवरिश पर भी हो बहस

दिल्ली स्थित मैत्रेयी कॉलेज के डायमंड जुबली समारोह को संबोधित करते हुए CM रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में जब भी महिलाओं और लड़कियों से जुड़ी आपराधिक घटनाएं सामने आती हैं, तो अक्सर परिवार और समाज की पहली प्रतिक्रिया लड़कियों पर पाबंदी लगाने की होती है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ लड़कियों की ही क्यों हो? लड़कों के व्यवहार और उनकी परवरिश पर भी उतनी ही चर्चा होनी चाहिए.

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‘ना का मतलब ना ही होता है’

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि समाज में लड़कों को बचपन से ही महिलाओं का सम्मान करने और सहमति की अहमियत समझाने की जरूरत है. उन्होंने पीएम मोदी के 2014 के स्वतंत्रता दिवस भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी लड़कियों को सलाह देने के बजाय लड़कों से सवाल करने और उन्हें समझाने की बात कही गई थी. सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि किसी भी रिश्ते या परिस्थिति में ना का मतलब ना ही होता है.

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गौरतलब है कि सीएम रेखा गुप्ता का ये बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के खिलाफ यौन अपराधों को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक बवाल मचा हुआ है. इस बीच दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राएं भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रही हैं. युवतियां सिर्फ सुरक्षा की मांग नहीं कर रहीं, बल्कि यह सवाल भी उठा रही हैं कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उनकी आजादी पर पाबंदी क्यों लगाई जाए?

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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