No PUC No Fuel Delhi NCR: दिल्ली-एनसीआर में 1 अक्टूबर से गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण की जांच और कड़ी की जाएगी. देश की राजधानी और आसपास के शहरों में सर्दियों के दौरान प्रदूषण को कंट्रोल करने की रणनीति के तहत ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम लागू किया जा रहा है. यानी 30 सितंबर तक आपको हर हाल में पीयूसी सर्टिफिकेट हासिल करना होगा.
दिल्ली-NCR में लागू होगा नियम
इस पॉलिसी के तहत, जिन गाड़ियों के पास वैलिड ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंप पर फ्यूल नहीं मिलेगा. दिल्ली में, ये नियम उन करीब 500 फ्यूल स्टेशनों पर लागू होगा जहां ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगे हैं.
पूरे एनसीआर में 1041 फ्यूल स्टेशनों पर ANPR सिस्टम लगाने की प्लानिंग है. ये नियम यूपी के 8 जिलों, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत और शामली के साथ-साथ हरियाणा और राजस्थान के एनसीआर रीजन में भी लागू होगा.
अधिकारियों ने ये भी संकेत दिया है कि जो फ्यूल स्टेशन इस निर्देश का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. गाड़ी चलाने वालों को अपने पीयूसी डॉक्यूमेंट्स वैलिड रखने के लिए एनकरेज करने के लिए एक अवेयरनेस कैंपन चलाया जाएगा.
नियम तोड़ने पर 10000 का जुर्माना
बिना वैलिड पीयूसी सर्टिफिकेट के गाड़ी चलाते पाए जाने पर गाड़ी मालिकों को मौजूदा नियमों के तहत 10000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है. ये नियम पेट्रोल, डीजल, CNG और LPG गाड़ियों पर लागू होता है. इस पॉलिसी का असर दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर भी पड़ सकता है. मौजूदा पाबंदियों के तहत, 15 साल से ज्यादा पुरानी पेट्रोल गाड़ियां और 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल गाड़ियां PUC सर्टिफिकेशन के लिए एलिजिबल नहीं हैं.
सर्दियों में प्रदूषण कंट्रोल प्लान का हिस्सा
ये कदम केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में पर्यावरण भवन में हुई एक बैठक के बाद उठाया गया है. इस मीटिंग में दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी शामिल हुए थे. सरकार की योजना अक्टूबर में एक जन-जागरूकता अभियान चलाने और नवंबर में PUC सेंटर्स को अपग्रेड करने की है.
दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप को बढ़ावा देने के लिए 1 से 10 अक्टूबर तक एक अलग अभियान चलाया जाएगा, जिसमें रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और जन-प्रतिनिधियों के साथ मिलकर डाउनलोड कैंप भी आयोजित किए जाएंगे. इन उपायों का मकसद दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान प्रदूषण के मौसम से पहले नियमों का पालन बेहतर बनाना और गाड़ियों से होने वाले एमिशन को कम करना है.