Written By: Shariqul Hoda|Updated: Jul 2, 2026 17:19
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Jul 2, 2026 17:19
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मुख्य बिंदु
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली में 8.1 किलोमीटर लंबे 6-लेन वाले रोड कॉरिडोर को मंजूरी दी है.
इस प्रोजेक्ट पर 6,969.67 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और इसे NHAI विकसित करेगा.
सदर्न रिज के नीचे से 3.14 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग गुजरेगी.
ये कॉरिडोर द्वारका, गुरुग्राम, IGI एयरपोर्ट और दक्षिण दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा.
एडिशनल फ्लाईओवर और एलिवेटेड सड़कें ट्रैफिक जाम को कम करने में मदद करेंगी.
Tunnel Road In Delhi Connecting Dwarka Expressway And Vasant Kunj: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8.1 किलोमीटर लंबे 6-लेन वाले नए रोड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी है, जो द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज में नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ेगा. 6,969.67 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का मकसद दिल्ली में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट के आस-पास ट्रैफिक जाम को कम करना है.
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इन इलाके के लोगों को होगा फायदा
इस प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) से मंजूरी मिली है और इसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत पूरा किया जाएगा. ये नया कॉरिडोर द्वारका एक्सप्रेसवे, अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) और नेल्सन मंडेला मार्ग को जोड़ने वाला एक सीधा रास्ता देगा, जिससे गुरुग्राम, द्वारका, पश्चिमी दिल्ली और एयरपोर्ट से दक्षिणी दिल्ली की ओर आने-जाने वाले लोगों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी.
इस प्रोजेक्ट की एक खास बात 3.14 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब टनल है, जो एडवांस्ड टनल बोरिंग मशीन (TBM) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके दिल्ली की सदर्न रिज के नीचे से गुजरेगी. टनल का तकरीबन 2 किलोमीटर का हिस्सा रिज के नीचे से गुजरेगा, जिससे पर्यावरण के नजरिए से संवेदनशील वन क्षेत्र को बचाने और जमीन की सतह पर कम से कम रुकावट पैदा करने में मदद मिलेगी.
ये टनल शिव मूर्ति इंटरचेंज के पास शुरू होगी और नेल्सन मंडेला मार्ग और महिपालपुर-छतरपुर रोड के जंक्शन से पहले बाहर निकलेगी. टनल के अलावा, इस प्रोजेक्ट में ट्रैफिक को बेहतर बनाने के कई उपाय भी शामिल हैं, जैसे 1.8 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर, छतरपुर को महिपालपुर से जोड़ने वाला एक नया फ्लाईओवर और बिजी चौराहों पर जाम कम करने के लिए एक एलिवेटेड यू-टर्न.
पूरे कॉरिडोर में 6.3 किलोमीटर का मेन कैरिजवे, टनल अप्रोच रैंप, रीइंफोर्स्ड अर्थ वॉल सेक्शन, एलिवेटेड सड़कें और जमीन की सतह वाले हिस्से शामिल होंगे. अधिकारियों का मानना है कि इस प्रोजेक्ट से पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली के बीच ट्रैवल टाइम काफी कम हो जाएगा और एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी.
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नोएडा जाने वालों को भी होगा फायदा
ये नई सड़क NHAI के प्रपोज्ड AIIMS-महिपालपुर एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ भी जुड़ेगी, जो आगे चलकर बारापुल्ला एलिवेटेड रोड से जुड़ेगा. दोनों प्रोजेक्ट्स के शुरू होने के बाद, लोगों को पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी दिल्ली के बीच तेज और ईजी कनेक्टिविटी का फायदा मिलने की उम्मीद है, साथ ही नोएडा और गाजियाबाद तक पहुंच भी आसान हो जाएगी.
निष्कर्ष
हाल ही में मंजूर किए गए 6-लेन वाले रोड प्रोजेक्ट से दिल्ली के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. सुरंगों, एलिवेटेड कॉरिडोर्स और मॉडर्न ट्रैफिक सॉल्यूशंस को मिलाकर, इस प्रोजेक्ट का मकसद ट्रैवल टाइम को कम करना, एयरपोर्ट पर भीड़ को घटाना और नेशनल कैपिटल रीजन के कई हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है, साथ ही एडवांस्ड कंस्ट्रक्शन तकनीकों के जरिए पर्यावरण के नजरिए से सेंसेटिव इलाकों की सुरक्षा भी करना है.