कौन है स्वतंत्र भारद्वाज? निशु आजाद के पिता का सिर फोड़ने का दावा करने पर हिरासत में

Who Is Swatantra Bhardwaj: पॉडकास्ट में निशु आज़ाद के पिता का सिर फोड़ने का दावा करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. कुछ देर पहले उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी. खुद को हिंदुत्ववादी एक्टिविस्ट बताने वाले स्वतंत्र ने दावा किया था कि बड़े नेताओं के समर्थन की वजह से पुलिस उसका कुछ नहीं कर पाई.

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पॉडकास्ट में निशु आज़ाद के पिता का सिर फोड़ने का दावा करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. Photo Credit: X

Who Is Swatantra Bhardwaj: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और खुद को हिंदुत्ववादी एक्टिविस्ट बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. एक पॉडकास्ट के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया था कि उसने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया एक्टिविस्ट निशु आज़ाद के पिता का सिर फोड़ा था. इस सनसनीखेज कबूलनामे के सामने आते ही दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज (24) और उसके साथी सूरज कुमार (25) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई थी. कुछ ही देर में दिल्ली पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया.

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कौन है स्वतंत्र भारद्वाज?

24 वर्षीय स्वतंत्र भारद्वाज मूल रूप से बिहार के पटना का रहने वाला है. वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहता है और खुद को दक्षिणपंथी व हिंदुत्ववादी विचारधारा से जुड़ा कार्यकर्ता बताता है. सोशल मीडिया पर कई बड़े राजनेताओं और मंत्रियों के साथ उसकी तस्वीरें मौजूद हैं. वहीं, दूसरा आरोपी सूरज कुमार बिहार के नालंदा का निवासी बताया जा रहा है.

पॉडकास्ट में क्या किया था दावा?

वायरल वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज यह कहते सुना गया कि उसने निशु आज़ाद के पिता पर हमला किया था, जिससे उनके सिर में 60 टांके आए थे. उसने दावा किया कि उस पर धारा 307 लगनी चाहिए थी, लेकिन बड़े रसूख और नेताओं के समर्थन के चलते पुलिस ने उसे गिरफ्तार तक नहीं किया. उसने बातचीत में कपिल मिश्रा और चिराग पासवान जैसे नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि वे उसके बड़े भाई जैसे हैं और उसे सबका खुला समर्थन हासिल है.

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क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना-प्रदर्शन हुआ था. इस दौरान गाजियाबाद निवासी छात्रा व एक्टिविस्ट निशु आज़ाद भी शामिल थीं. निशु वही एक्टिविस्ट हैं जो पीएम मोदी के प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर ‘तेरहवीं का खाना’ बांटकर चर्चा में आई थीं. प्रदर्शन के दौरान जब निशु के पिता संजय कुमार वीडियो बना रहे थे, तब स्वतंत्र और उसके साथियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया था. वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी निशु को न्याय का भरोसा दिलाया है. वहीं छात्र संगठनों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने का घेराव कर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की थी.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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