स्वतंत्र भारद्वाज पर POCSO और SC/ST एक्ट के तहत केस, नीशू आजाद की शिकायत पर दिल्ली पुलिस का एक्शन

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बीच दिल्ली में सीजेपी (CJP) एक्टिविस्ट नीशू आजाद ने अपने ऊपर हुए हमले और सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. नीशू आजाद ने बताया कि वे इस मामले में चंद्रशेखर आजाद के साथ थाने पहुंचीं और पुलिस के सामने अपनी मांगें रखीं.

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दिल्ली में सीजेपी (CJP) एक्टिविस्ट नीशू आजाद ने स्वतंत्र भारद्वाज पर बड़े खुलासे किए हैं। PIC Credit: ANI

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक्टिविस्ट नीशू आजाद की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज पर यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत एक नई प्राथमिकी दर्ज की है. साथ ही, मामले से जुड़ी पिछली एफआईआर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं. दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मामले में आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है. उधर नीशू आजाद की मुख्य मांग थी कि दर्ज मुकदमे में हत्या के प्रयास (धारा 307) और एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट की धाराएं जोड़ी जाएं.

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सोशल मीडिया पर रेप की धमकियों के खिलाफ नई FIR

एक्टिविस्ट नीशू आजाद ने यह भी खुलासा किया कि सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार गालियां और दुष्कर्म की धमकियां दी जा रही थीं. इस मानसिक तनाव और उत्पीड़न के चलते उन्होंने खुद को नुकसान भी पहुंचाया था. अब इस मामले में भी पुलिस ने शिकायत दर्ज कर गाली-गलौज और धमकियां देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.

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उधर, स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी बात रखते हुए कहा, अगर मैंने उस वक्त अपना बचाव नहीं किया होता, तो वहां मौजूद भीड़ मेरी लिंचिंग कर देती या मुझे मार ही डालती. मेरी तरफ से उन पर हमला करने की कोई मंशा नहीं थी. मेरे पास इसके सबूत के तौर पर वीडियो मौजूद हैं.” उन्होंने घटनाक्रम समझाते हुए कहा कि उस वक्त 10 से 15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था. जब उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की तो उसी दौरान नीशू आजाद के पिता के सिर पर चोट लग गई. भारद्वाज ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई थी. उन्होंने यह भी साफ किया कि वे पुलिस की चल रही जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं.

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वायरल पॉडकास्ट क्लिप को बताया फेक

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर भारद्वाज ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अन्य नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर जो पॉडकास्ट क्लिप शेयर की जा रही है, वह पूरी तरह से फेक है.

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कपिल मिश्रा और चिराग पासवान पर दी सफाई

राजनीतिक रसूख के चलते रिहा होने के आरोपों पर स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा, “जो लोग कह रहे हैं कि मुझे कपिल मिश्रा के प्रभाव की वजह से छोड़ा गया, मैं उन्हें बता दूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाइयों जैसे हैं. लोगों को यह समझना चाहिए कि पॉडकास्ट में जो कहा गया था, वह एक व्यंग्य के तौर पर कहा गया था.”

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रोटेस्ट के दौरान गाजियाबाद निवासी छात्रा निशु आज़ाद के पिता संजय कुमार वीडियो बना रहे थे, तब स्वतंत्र और उसके साथियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया था. वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी निशु को न्याय का भरोसा दिलाया है. वहीं छात्र संगठनों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने का घेराव कर आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की थी. दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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