Dwarka Expressway Extension: दिल्ली और साइबर सिटी गुरुग्राम के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों नौकरीपेशा लोगों, स्थानीय निवासियों और हवाई अड्डे (IGI Airport) जाने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के लिए किए गए एक नए अत्याधुनिक परिवहन अध्ययन में इस रूट के ट्रैफिक संकट को जड़ से खत्म करने के लिए एक मेगा मास्टरप्लान तैयार किया है. इस योजना के तहत द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway) को दिल्ली के मायापुरी रिंग रोड तक विस्तारित किया जाएगा. वर्तमान में एनएच-48 (NH-48) पर महिपालपुर, शिव मूर्ति, संजय टी-पॉइंट और खेरकी दौला के पास लगने वाले मीलों लंबे थकाऊ जाम से जूझने वाले लोगों के लिए यह नया हाईवे कॉरिडोर एक वरदान साबित होने वाला है, जिससे दोनों शहरों के बीच का आवागमन बेहद सुगम और समय की बचत करने वाला बन जाएगा.
क्यों द्वारका एक्सप्रेसवे के बनने के बाद भी लगता था जाम?
अध्ययन की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर लगने वाले भीषण जाम का मुख्य कारण यह है कि इस क्षेत्र के लगभग सभी लिंक रोड आखिर में जाकर वापस एनएच-48 पर ही मिल जाते हैं. यहां तक कि नया द्वारका एक्सप्रेसवे भी कुछ पॉइंट्स पर आकर इसी भीड़भाड़ वाले नेशनल हाईवे में समा जाता है. रिपोर्ट के अनुसार, व्यस्त समय (Peak Hours) के दौरान एनएच-48 पर चलने वाले वाहनों में से हवाई अड्डे जाने वाले यात्री सिर्फ 13 से 17 फीसदी ही होते हैं, जबकि बाकी 83% गाड़ियां दिल्ली-एनसीआर के स्थानीय दफ्तर जाने वालों की होती हैं. जब यह नया नेटवर्क और मायापुरी रिंग रोड एक्सटेंशन पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तो यह एनएच-48 के कुल ट्रैफिक लोड का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा सीधे दूसरी तरफ मोड़ देगा, जिससे हाईवे पूरी तरह खाली और सिग्नल-फ्री हो जाएगा.
मेट्रो की नई गोल्डन लाइन और अलवर आरआरटीएस रैपिड रेल भी बनेगी हिस्सा
इस परियोजना में सिर्फ सड़कों को चौड़ा करने पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया गया है, बल्कि दिल्ली-गुरुग्राम कनेक्टिविटी को बुलेट को भी शामिल किया गया है. इसके तहत गुरुग्राम मेट्रो विस्तार के अंतर्गत रेजांग ला चौक से सीधे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) की लाइन को जोड़ने वाले एक नए मेट्रो लिंक का निर्माण किया जाएगा. साथ ही, दिल्ली मेट्रो की आगामी गोल्डन लाइन का विस्तार और दिल्ली-अलवर आरआरटीएस (रैपिड रेल) कॉरिडोर को भी इस इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रिड से जोड़ा जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि रैपिड रेल और हाई-स्पीड मेट्रो कनेक्टिविटी शुरू होने से आधी से ज्यादा कामकाजी आबादी अपनी निजी कारों और बाइकों को छोड़कर आरामदायक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का रुख करेगी, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की कतारें अपने आप कम हो जाएंगी.
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प्रॉपर्टी मार्केट को मिलेगा जबर्दस्त बूस्ट
इस विशाल बुनियादी ढांचे के विकास की खबर आते ही द्वारका एक्सप्रेसवे, एसपीआर कॉरिडोर, बिजवासन और न्यू गुरुग्राम के रियल एस्टेट बाजार में जमीन और फ्लैटों की मांग में भारी उछाल आने की संभावना बढ़ गई है.
न्यू गुरुग्राम
द्वारका एक्सप्रेसवे सेक्टर
एसपीआर गलियारा
बिजवासन पक्ष
दिल्ली सीमा के पास द्वारका सेक्टर
कनेक्टिविटी में और सुधार होने पर इसमें और अधिक रुचि देखने को मिल सकती है.