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प्रदेश

अजित पवार के प्लेन क्रैश के दिन 75 फाइलें कैसे हुई मंजूर? अल्पसंख्यक विभाग के उप सचिव पर गिरी गाज

महाराष्ट्र में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब ये सामने आया के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान हादसे वाले दिन अल्पसंख्यक विभाग ने 75 स्कूलों की फाइलें मंजूर कर दीं. इस मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी का तबादला भी कर दिया गया है.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 18, 2026 09:40
ajit pawar plane crash
Credit: News24

महाराष्ट्र में प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में उस वक्त हलचल मच गई, जब ये जानकारी सामने आई कि पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान हादसे के दिन ही राज्य के अल्पसंख्यक विभाग ने 75 स्कूलों और शिक्षण संस्थानों की फाइलों को मंजूरी दे दी. इस फैसले को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं और सरकार से जवाब मांगा है. जानकारी के मुताबिक, 28 जनवरी को अजित पवार की मौत हुई, उसी दिन अल्पसंख्यक विभाग में तेजी से फाइलें निपटाई गईं. आरोप है कि इतनी बड़ी संख्या में फाइलों को कम समय में पास करना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा नहीं लगता. इसी वजह से मामला तूल पकड़ता चला गया.

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विभाग के उप सचिव का किया ट्रांसफर

विपक्षी दलों का कहना है कि जब पूरे प्रशासन का फोकस अजित पवार के प्लेन क्रैश पर था, तब इस तरह के फैसले कैसे लिए गए. विपक्ष ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और पारदर्शिता की कमी बताया है. साथ ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है. विवाद बढ़ने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए अल्पसंख्यक विभाग के एक उप सचिव स्तर के अधिकारी का तबादला कर दिया. बताया गया है कि इन्हीं अधिकारी के हस्ताक्षर से इन फाइलों को मंजूरी दी गई थी. सरकार ने साफ कह दिया है कि जांच में अगर गड़बड़ी पाई गई, तो आगे और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं.

सीएम फडणवीस ने क्या कदम उठाया?

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 75 स्कूलों को दिए गए अल्पसंख्यक दर्जे पर अस्थायी रोक लगा दी है. साथ ही उन्होंने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके. सरकार का कहना है कि अल्पसंख्यक दर्जा देने की प्रक्रिया तय नियमों के तहत होती है और किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वहीं, विपक्ष का कहना है कि ये मामला सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक जिम्मेदारी का भी है. फिलहाल, पूरे महाराष्ट्र की नजर इस जांच पर टिकी हुई है. आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर ही साफ हो पाएगा कि ये मामला महज संयोग था या फिर किसी बड़ी गड़बड़ी के तहत किया गया.

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First published on: Feb 18, 2026 06:33 AM

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