बिहार की राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद नीतीश कुमार शायद मुख्यमंत्री पद से हट सकते हैं. जेडीयू प्रमुख गुरुवार को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने वाले हैं. न्यूज18 हिंदी ने सूत्रों के हवाले से पहले ही खबर दी थी कि राज्यसभा सदस्य बनते ही वे बिहार के मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे. इस विकास ने सवाल खड़े कर दिए कि उनकी जगह कौन लेगा और निशांत कुमार को नई राजनीतिक व्यवस्था में क्या भूमिका मिलेगी.
कौन हैं निशांत कुमार?
निशांत कुमार सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जिन्होंने बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. 20 जुलाई 1975 को नीतीश कुमार और स्वर्गीय मनजू कुमारी सिन्हा के घर जन्मे निशांत अपनी एकांतप्रियता और आध्यात्मिक रुचि के लिए जाने जाते रहे. हालिया संपत्ति विवरण के अनुसार उनकी नेट वर्थ करीब 3.61 करोड़ रुपये है, जिसमें अधिकांश मां से मिली विरासत शामिल है. अब उनका राजनीति में सक्रिय प्रवेश तय माना जा रहा है.
जेडीयू नेता और मंत्री श्रवण कुमार ने बताया, 'अब साफ है, निशांत कुमार का सक्रिय राजनीति में प्रवेश तय हो चुका है. पार्टी एक-दो दिनों में औपचारिक घोषणा करेगी. वर्षों से कार्यकर्ता उनकी एंट्री की मांग कर रहे थे. होली से पहले यह फैसला पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भर गया है.' उन्होंने कहा कि निशांत को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी, जिसका फैसला जल्द होगा. राज्यसभा भेजने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'कुछ भी हो सकता है.' नीतीश के करीबी माने जाने वाले श्रवण कुमार दशक भर से मंत्री हैं.
यह भी पढ़ें: तमिलनाडु चुनाव से पहले DMK-कांग्रेस गठबंधन तय, जानें कितनी सीटों पर लड़ेगी कौन सी पार्टी?
नीतीश का राजनैतिक उत्तराधिकार
यह कदम नीतीश कुमार के लिए बड़ा बदलाव है, जो हमेशा वंशवादी राजनीति के खिलाफ रहे. 2025 विधानसभा चुनावों में एनडीए की भारी जीत और जेडीयू कार्यकर्ताओं की लगातार मांग के बाद यह फैसला लिया गया. सामाजिक कल्याण मंत्री मदन साहनी ने कहा कि कार्यकर्ता वर्षों से निशांत के प्रवेश की मांग कर रहे थे. 'अब यह तय हो चुका है. हम खुश हैं.' ग्रामीण विकास मंत्री अशोक चौधरी ने इसे पार्टी और राज्य के लिए होली का बड़ा तोहफा बताया. उन्होंने कहा, 'निशांत हमारे नेता नीतीश कुमार की फोटोकॉपी हैं. उनका प्रवेश पार्टी को मजबूत करेगा.'
राज्यसभा चुनाव का समीकरण
जेडीयू सहयोगी बीजेपी ने भी निशांत के प्रवेश का स्वागत किया. उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, 'नई पीढ़ी का राजनीति में आना स्वागतयोग्य है. बीटेक धारक शिक्षित युवा नेता होने से उनकी एंट्री सही समय पर हुई है.' बिहार से पांच राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होंगे. नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च है.
यह भी पढ़ें: नीतीश कुमार जा सकते हैं राज्यसभा! आखिर क्यों होने लगी चर्चा, बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा?
जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह, राम नाथ ठाकुर, आरजेडी के प्रेम चंद गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह और आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. विधानसभा के मौजूदा समीकरण के आधार पर पांचों सीटें एनडीए के पास हैं, हालांकि आरजेडी ने बिना वोटिंग के चुनाव कराने से रोकने के लिए उम्मीदवार उतारे हैं.
बिहार की राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद नीतीश कुमार शायद मुख्यमंत्री पद से हट सकते हैं. जेडीयू प्रमुख गुरुवार को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने वाले हैं. न्यूज18 हिंदी ने सूत्रों के हवाले से पहले ही खबर दी थी कि राज्यसभा सदस्य बनते ही वे बिहार के मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे. इस विकास ने सवाल खड़े कर दिए कि उनकी जगह कौन लेगा और निशांत कुमार को नई राजनीतिक व्यवस्था में क्या भूमिका मिलेगी.
कौन हैं निशांत कुमार?
निशांत कुमार सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जिन्होंने बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. 20 जुलाई 1975 को नीतीश कुमार और स्वर्गीय मनजू कुमारी सिन्हा के घर जन्मे निशांत अपनी एकांतप्रियता और आध्यात्मिक रुचि के लिए जाने जाते रहे. हालिया संपत्ति विवरण के अनुसार उनकी नेट वर्थ करीब 3.61 करोड़ रुपये है, जिसमें अधिकांश मां से मिली विरासत शामिल है. अब उनका राजनीति में सक्रिय प्रवेश तय माना जा रहा है.
जेडीयू नेता और मंत्री श्रवण कुमार ने बताया, ‘अब साफ है, निशांत कुमार का सक्रिय राजनीति में प्रवेश तय हो चुका है. पार्टी एक-दो दिनों में औपचारिक घोषणा करेगी. वर्षों से कार्यकर्ता उनकी एंट्री की मांग कर रहे थे. होली से पहले यह फैसला पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भर गया है.’ उन्होंने कहा कि निशांत को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी, जिसका फैसला जल्द होगा. राज्यसभा भेजने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘कुछ भी हो सकता है.’ नीतीश के करीबी माने जाने वाले श्रवण कुमार दशक भर से मंत्री हैं.
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नीतीश का राजनैतिक उत्तराधिकार
यह कदम नीतीश कुमार के लिए बड़ा बदलाव है, जो हमेशा वंशवादी राजनीति के खिलाफ रहे. 2025 विधानसभा चुनावों में एनडीए की भारी जीत और जेडीयू कार्यकर्ताओं की लगातार मांग के बाद यह फैसला लिया गया. सामाजिक कल्याण मंत्री मदन साहनी ने कहा कि कार्यकर्ता वर्षों से निशांत के प्रवेश की मांग कर रहे थे. ‘अब यह तय हो चुका है. हम खुश हैं.’ ग्रामीण विकास मंत्री अशोक चौधरी ने इसे पार्टी और राज्य के लिए होली का बड़ा तोहफा बताया. उन्होंने कहा, ‘निशांत हमारे नेता नीतीश कुमार की फोटोकॉपी हैं. उनका प्रवेश पार्टी को मजबूत करेगा.’
राज्यसभा चुनाव का समीकरण
जेडीयू सहयोगी बीजेपी ने भी निशांत के प्रवेश का स्वागत किया. उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, ‘नई पीढ़ी का राजनीति में आना स्वागतयोग्य है. बीटेक धारक शिक्षित युवा नेता होने से उनकी एंट्री सही समय पर हुई है.’ बिहार से पांच राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होंगे. नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च है.
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जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह, राम नाथ ठाकुर, आरजेडी के प्रेम चंद गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह और आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. विधानसभा के मौजूदा समीकरण के आधार पर पांचों सीटें एनडीए के पास हैं, हालांकि आरजेडी ने बिना वोटिंग के चुनाव कराने से रोकने के लिए उम्मीदवार उतारे हैं.