बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे आज, क्या हैं सियासी मायने? PK के लिए अग्निपरीक्षा क्यों?

Bankipur By Election: बिहार के बांकीपुर विधान उपचुनाव का नतीजा सोमवार, 3 अगस्त को निकलने वाला, जो बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है, वहीं उन्हें जनसुराज के उम्मीदवार प्रशांत कशोर से जबरदस्त टक्कर मिली है, पीके के लिए भी ये किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है.

Prashant Kishor Neeraj Kumar Sinha Samrat Choudhary

Prashant Kishor, Neeraj Kumar Sinha and Samrat Choudhary (Photo- ANI and X)

Prashant Kishor Vs BJP In Bankipur: बांकीपुर विधान उपचुनाव बिहार ही नहीं उत्तर भारत के सबसे ज्यादा चर्चित राजनीतिक मुकाबलों में से एक बन गया है, भले ही ये सिर्फ एक सीट का मामला है. हालांकि ये चुनाव क्षेत्र पारंपरिक रूप से BJP का गढ़ रहा है, लेकिन इस इलेक्शन की अहमियत इसलिए बढ़ गई है क्योंकि ये 2025 के असेंबली चुनावों के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी दोनों के लिए पहला बड़ा चुनावी टेस्ट है. बता दें कि इस चुनाव के नतीजों का ऐलान 3 अगस्त को किया जाएगा.

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प्रशांत किशोर के लिए क्यों है अहम?

प्रशांत किशोर के लिए ये उपचुनाव एक विधानसभा सीट के लिए होने वाले मुकाबले से कहीं ज्यादा है. 2025 के बिहार असेंबली इलेक्शन में जन सुराज के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, बांकीपुर में जीत पार्टी की पहली बड़ी चुनावी कामयाबी होगी और किशोर की पॉलिटिकल साख फिर से बढ़ेगी.

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अगर पीके जीत जाते हैं तो ये दिखाएगा कि उनके जमीनी कैंपेन का वोटर्स पर असर पड़ने लगा है और राज्य में जन सुराज को एक गंभीर पॉलिटिकल ताकत के तौर पर स्थापित करेगा. भले ही वो थोड़े से अंतर से हार जाएं लेकिन BJP की जीत का अंतर काफी कम कर दें, फिर भी किशोर ये दावा कर सकते हैं कि उनकी पार्टी अपना सपोर्ट बेस बढ़ा रही है और राज्य की पारंपरिक पॉलिटिकल पार्टियों के लिए एक सही विकल्प के तौर पर उभर रही है.

BJP के लिए नाक का सवाल

बीजेपी के लिए बांकीपुर सीट बचाए रखना बहुत जरूरी है क्योंकि ये सीट 3 दशक से ज्यादा समय से पार्टी के पास है और पहले नितिन नवीन और उनके पिता इस सीट से रिप्रेजेंट करते थे. जीत से पार्टी का अपने पारंपरिक शहरी गढ़ में दबदबा और पक्का होगा और नीतीश कुमार से सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व को भी पहचान मिलेगी. बीजेपी के तरफ से नीरज कुमार सिन्हा उम्मीदवार हैं.

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हालांकि जीत का अंतर कम होने से वोटर्स में बढ़ती नाराजगी का संकेत मिल सकता है और आने वाले चुनावों से पहले विपक्ष को हमलावर होने का मौका मिल सकता है. अगर भारतीय जनता पार्टी ये सीट हार जाती है, तो ये एक बड़ा राजनीतिक झटका होगा, उम्मीदवार चुनने और शासन पर सवाल उठेंगे, और यह सोच मजबूत होगी कि प्रशांत किशोर एक भरोसेमंद चैलेंजर के तौर पर उभरे हैं जो बिहार के राजनीतिक माहौल को नया आकार दे सकते हैं.

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव 2026: उम्मीदवारों की लिस्ट

क्र. सं.उम्मीदवार का नामपार्टी
1नीरज कुमारभारतीय जनता पार्टी
2रेखा कुमारीराष्ट्रीय जनता दल
3प्रशांत किशोरजन सुराज पार्टी
4तनवीर आलमराष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी
5मृत्युंजय कुमारराष्ट्रीय समाजहित दल
6रामबाबू प्रसादराष्ट्रीय गरीब दल
7सूरज कुमार यादवपीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक)
8बैजनाथ प्रसादभारतीय जवान किसान पार्टी
9प्रदीप कुमारभारतीय आम अवाम पार्टी
10बिनोद रायबिहार जस्टिस पार्टी
11जितेंद्र दुबेअखिल भारतीय जनसंघ
12प्रेम शंकर प्रसादप्राउटिस्ट ब्लॉक, इंडिया
13मनोरंजन कुमार श्रीवास्तवप्रगतिशील जनता पार्टी
14निरंजन कुमार आचार्यराइट टू रिकॉल पार्टी
15उपेंद्र साहनीराष्ट्रीय जनसंभावना पार्टी
16अभय चौधरीनिर्दलीय
17शुकेश कुमारनिर्दलीय
18बागीश नंदननिर्दलीय
19सिकंदर कुमारनिर्दलीय
20अनिल दासनिर्दलीय
21लालू प्रसाद यादवनिर्दलीय

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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