पटना में भिड़े बीजेपी-कांग्रेस कार्यकर्ता, आपस में जमकर चले लाठी-डंडे; कई चोटिल... ऐसे शुरू हुआ विवाद

Patna News: संसद में गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस उनसे इस्तीफे की डिमांड कर रही है। वहीं, गुरुवार को सांसदों के बीच धक्कामुक्की का भी मामला सामने आया है। वहीं, पटना में भी बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।

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Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस दौरान दोनों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। दोनों ओर से कई कार्यकर्ताओं को चोटें लगी हैं। पटना की सड़क पर काफी देर तक बवाल होता रहा। भिड़ंत की शुरुआत कांग्रेस कार्यालय के पास प्रदर्शन को लेकर हुई। दरअसल संसद में भाजपा-कांग्रेस सांसदों के बीच धक्कामुक्की प्रकरण सामने आने के बाद बीजेपी के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान बीजेपी ने कांग्रेस पर संविधान और आंबेडकर विरोधी होने के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता सदाकत आश्रम के बाहर पहुंच गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी की नारेबाजी का विरोध करना शुरू कर दिया। जिसके बाद दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चलने लगे।

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काफी देर हंगामे के बाद पुलिस ने मामला शांत करवाया। संसद में डॉ. आंबेडकर को लेकर दिए गए गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है। बताया जा रहा है कि भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता कांग्रेस दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करना चाह रहे थे। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उनसे कहा कि वे यहां प्रदर्शन न करें। अगर भाजपा के लोग उनके दरवाजे के बाहर प्रदर्शन करेंगे तो हमारी क्या प्रतिष्ठा रह जाएगी? हम लोग बीजेपी वर्करों को दरवाजे तक नहीं आने देंगे।

गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

इस दौरान दोनों पक्षों के लोग अपने हाथों में डंडे लिए हुए थे। दरअसल गृह मंत्री ने राज्यसभा में चर्चा के दौरान कहा था कि अब एक फैशन हो गया है आंबेडकर, आंबेडकर… इतना नाम ईश्वर का लेते तो 7 जन्मों का स्वर्ग मिल जाता। कांग्रेस ने इसे बाबा साहेब का अपमान बताया था। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की डिमांड की जा रही है। हालांकि बाद में अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। संसद में तथ्य और सत्य के आधार पर अपनी बात रखी जानी चाहिए। कांग्रेस आंबेडकर विरोधी है, आरक्षण विरोधी है। बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करना उसकी पुरानी रणनीति है। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी शाह से इस्तीफा मांगा था।

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