नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में CJP का प्रोटेस्ट जारी है. इसके समर्थन में बिहार के छात्र संगठनों के द्वारा शनिवार को बिहार बंद का आह्वान किया गया, लेकिन आज के बिहार बंद ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया. इस बंद को राजद, कांग्रेस, वीआईपी और वामदलों का समर्थन मिलने से आंदोलन पूरी तरह राजनीतिक रंग में नजर आया. सरकार और प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की.
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25 से अधिक हॉस्टलों और लॉज में छापेमारी
पटना पुलिस ने बिहार बंद से पहले ही देररात बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 से अधिक हॉस्टलों और लॉज में छापेमारी की. इस दौरान भाकपा-माले के विधायक संदीप सौरभ, आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय, सचिव दीपांकर मिश्रा और उपाध्यक्ष सबा आफरीन समेत 19 छात्र नेताओं को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा 43 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई 22 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए की गई.
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बिहार में आज कड़ी रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
बिहार बंद के मद्देनजर पूरे प्रदेश में आज करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई. रैपिड एक्शन फोर्स, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस और दंगा निरोधी बल को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया. राजधानी पटना, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और कटिहार समेत 10 जिलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश है. पटना जंक्शन, जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सरकारी कार्यालयों, प्रमुख चौराहों और विश्वविद्यालय क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल को तैनात किया गया है.
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जंतर-मंतर पर 2500 से ज्यादा क्रिमिनल्स, FRS सिस्टम से बड़ा खुलासा; पुलिस को बना रहे हैं निशाना
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देर रात तक पटना विश्वविद्यालय और आसपास के छात्रावासों में तलाशी अभियान भी चलता रहा. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि छात्रों से संयम और संवाद के साथ कार्रवाई की जाए, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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