राजधानी पटना को जाम से मुक्त करने को एक और एलिवेटेड रोड का निर्माण करवाया गया है। गुरुवार को यह रास्ता बिहार की जनता को समर्पित किया जाएगा। इस रोड का उद्घाटन बिहार के सीएम नीतीश कुमार करेंगे। जेपी पथ पर दीदारगंज से कंगन घाट तक एलिवेटेड रोड बनकर तैयार है। यह पुल बीएआरडीसी ने बनवाया है। जेपी गंगा पथ का दीदारगंज तक विस्तार पूरा हो चुका है। 10 अप्रैल को उद्घाटन के बाद इस रूट पर वाहनों का परिचालन शुरू होगा।
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इस रोड से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। दीदारगंज से पीएमसीएच और एम्स तक एंबुलेंस और दूसरे वाहन बिना ट्रैफिक जाम में फंसे सीधे आवागमन कर सकेंगे। इससे गायघाट-बाईपास-जीरो माइल मार्ग पर लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। ट्रैफिक व्यवस्था न केवल सुगम होगी, वहीं, वाहन चालकों के समय की बचत होगी।
परियोजना की लंबाई
दीघा से दीदारगंज तक जेपी गंगा पथ की लंबाई 20.5 किलोमीटर है। कंगन घाट से दीदारगंज तक निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। परियोजना का शिलान्यास 11 अक्टूबर 2013 को किया गया था। इसका निर्माण कार्य 4 साल में पूरा होना था, लेकिन 89 महीने की देरी से निर्माण हुआ। इस परियोजना पर 3160 करोड़ रुपये खर्च होने थे, लेकिन बाद में लागत 4160 करोड़ रुपये तक बढ़ा दी गई थी।
आगे की योजनाएं
इस परियोजना का आगे दीघा से कोईलवर तक 36.65 किलोमीटर नया सेक्शन बनाकर विस्तार किया जाना है। इस पर 6689.70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं, दीदारगंज से अथमलगोला तक फोरलेन सड़क का निर्माण प्रस्तावित है, मोकामा (राजेंद्र सेतु) तक एनएच-31 को 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 1121.49 करोड़ रुपये रखी गई है। पटना शहर को इसके बनने से ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
जेपी के नाम पर हुआ इसका नामाकरण
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती 11 अक्टूबर 2013 पर इस परियोजना की नींव रखी गई थी। उसी दिन से इसे जेपी गंगा पथ नाम दिया गया। पिछले कुछ वर्षों में इसका निर्माण चरणबद्ध रूप में हुआ है। पहले चरण में दीघा से गांधी मैदान तक 7.5 किमी सड़क 24 जून 2022 को जनता को समर्पित की गई। इसके बाद दूसरे चरण में 14 अगस्त 2023 पीएमसीएच से गायघाट तक 5.0 किमी, तीसरे चरण 10 जुलाई 2024 को गायघाट से कंगन घाट तक 3.0 किमी और चौथे चरण में कृष्णा घाट संपर्क पथ का उद्घाटन 3 अक्टूबर 2024 को किया गया।
उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच बनेगा मजबूत संपर्क
यह सड़क जेपी सेतु और महात्मा गांधी सेतु से जुड़ती है, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सफर और भी आसान हो गया है। दीदारगंज तक पूर्ण होने के बाद यह सड़क कच्चीदरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल से भी जुड़ जाएगी। यह अत्याधुनिक सड़क मार्ग आज पटना की जीवन रेखा तो बन ही गई है। साथ ही उत्तर बिहार को पटना के साथ जोड़ने और अन्य दक्षिण बिहार की तरफ जाने वाले कई प्रमुख रास्तों से भी बेहतरीन संपर्कता प्रदान करने वाली अति महत्वपूर्ण सड़क बनती जा रही है।
बिहटा से मोकामा तक होगा विस्तार
परियोजना के विस्तार की भी मंजूरी मिल गई है। पश्चिम में कोईलवर पुल तक और पूर्व में दीदारगंज से फतुहा, बख्तियारपुर होते हुए मोकामा तक पुराने एनएच के चौड़ीकरण की योजना पर भी जल्द कार्य शुरू होगा। इतना ही नहीं दीघा से गांधी मैदान के बीच गंगा किनारे समग्र उद्यान भी विकसित किया जाएगा। वर्तमान में यह पथ गंगा नदी पर कुल पांच पुलों से जुड़ रहा है, जिनमें से तीन पुल निर्माणाधीन हैं। यह पटना रिंग रोड से होकर गुजरता है। कोईलवर तक विस्तार होने पर यह एनएच-922, एनएच-319 और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी संपर्क बनाएगा।