14 दिनों के लिए जेल भेजे गए तेज प्रताप यादव, आखिर क्यों हुई गिरफ्तारी? जानिए पूरा मामला
Tej Pratap Yadav Arrest: जेजेपी नेता और तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार का सियासी पारा गर्म हो गया है. उन्हें कोर्ट में पेशी के बद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया. जनशक्ति जनता दल के नेताओं ने इस अरेस्ट की टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Jul 26, 2026 11:08
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Jul 26, 2026 11:08
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Tej Pratap Yadav (ANI)
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Tej Pratap Yadav Sent To Judicial Custody: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को पटना के गांधी मैदान में हुए NEET-UG विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. ये मामला कथित नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शनों से जुड़ा है, जिसके कारण पूरे बिहार में विरोध-प्रदर्शन हुए थे. साथ ही तेज प्रताप यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके से बिहार में आंदोलन करने की अपील की थी.
तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने दावा किया कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में गड़बड़ी थी. उनके मुताबिक, एफआईआर 26 जुलाई को दर्ज की गई थी, जबकि यादव को 25 जुलाई की शाम पटना के एक शॉपिंग मॉल से हिरासत में लिया गया था. वकील ने कहा कि उन्होंने अदालत से अपने मुवक्किल को रिहा करने की अपील की, लेकिन उन्हें सोमवार, 27 जुलाई को औपचारिक जमानत अर्जी दाखिल करने की सलाह दी गई. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि परिवार को गिरफ्तारी के बारे में जानकारी नहीं दी गई और उन्हें एफआईआर की कॉपी भी नहीं मिली.
बिहार पुलिस ने तेज प्रताप यादव को तब हिरासत में लिया जब वो कथित NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ी का विरोध कर रहे छात्रों के समर्थन में आयोजित 'बिहार बंद' में शामिल हुए थे. इस विरोध प्रदर्शन का मकसद कथित पेपर लीक के लिए जवाबदेही तय करना और एग्जाम सिस्टम में सुधार की मांग करना था. साथ ही उन्होंने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके से अपील की थी कि वो बिहार आकर आंदोलन करें और मौजूदा सम्राट चौधरी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करें.
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर रिएक्शन देते हुए, JJD की बांकीपुर उपचुनाव उम्मीदवार वीणा मानवी ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की और इसकी टाइमिंग पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद से ही पार्टी नेताओं पर लगातार दबाव डाला जा रहा था. उनके मुताबिक, अगर अधिकारियों को लगता था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई अपराध हुआ है, तो यादव को बाद में उनके परिवार के साथ रहने के दौरान हिरासत में लेने के बजाय तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए थी.
हिरासत में लिए जाने से पहले तेज प्रताप यादव ने विरोध कर रहे छात्रों के प्रति अपना समर्थन दोहराया. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और सरकार से उनकी चिंताओं पर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने ये भी कहा कि वह युवाओं के आंदोलन में उनके साथ खड़े रहेंगे.
ये गिरफ्तारी बिहार बंद के दौरान हुई झड़पों के बाद हुई. खबरों के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस बूथ को नुकसान पहुंचाया गया, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पथराव किया और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया. पटना में कई पुलिस वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई, जिसके बाद पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई.
Tej Pratap Yadav Sent To Judicial Custody: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को पटना के गांधी मैदान में हुए NEET-UG विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. ये मामला कथित नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शनों से जुड़ा है, जिसके कारण पूरे बिहार में विरोध-प्रदर्शन हुए थे. साथ ही तेज प्रताप यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके से बिहार में आंदोलन करने की अपील की थी.
VIDEO | Bihar: Jan Shakti Janata Dal President Tej Pratap Yadav allegedly detained by Patna police.
तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने दावा किया कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में गड़बड़ी थी. उनके मुताबिक, एफआईआर 26 जुलाई को दर्ज की गई थी, जबकि यादव को 25 जुलाई की शाम पटना के एक शॉपिंग मॉल से हिरासत में लिया गया था. वकील ने कहा कि उन्होंने अदालत से अपने मुवक्किल को रिहा करने की अपील की, लेकिन उन्हें सोमवार, 27 जुलाई को औपचारिक जमानत अर्जी दाखिल करने की सलाह दी गई. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि परिवार को गिरफ्तारी के बारे में जानकारी नहीं दी गई और उन्हें एफआईआर की कॉपी भी नहीं मिली.
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#WATCH | Patna, Bihar: Janshakti Janata Dal (JJD) National President Tej Pratap Yadav was sent to 14-day judicial custody by a Patna court in connection with the Gandhi Maidan protest case.
Jagannath Singh, Advocate for Tej Pratap Yadav, says, "An FIR was filed on the 26th,… pic.twitter.com/fZo8XHefP5
बिहार पुलिस ने तेज प्रताप यादव को तब हिरासत में लिया जब वो कथित NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ी का विरोध कर रहे छात्रों के समर्थन में आयोजित ‘बिहार बंद’ में शामिल हुए थे. इस विरोध प्रदर्शन का मकसद कथित पेपर लीक के लिए जवाबदेही तय करना और एग्जाम सिस्टम में सुधार की मांग करना था. साथ ही उन्होंने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके से अपील की थी कि वो बिहार आकर आंदोलन करें और मौजूदा सम्राट चौधरी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करें.
मैं, तेज प्रताप यादव, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से यह विशेष अपील करता हूँ कि वे अविलंब बिहार की धरती पर आएं। बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आज एक कड़े और मजबूत जनांदोलन की आवश्यकता है। मैं उनसे आग्रह करता हूँ कि वे बिहार आकर यहाँ की जनता की… pic.twitter.com/ADzYCxfB4w
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर रिएक्शन देते हुए, JJD की बांकीपुर उपचुनाव उम्मीदवार वीणा मानवी ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की और इसकी टाइमिंग पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद से ही पार्टी नेताओं पर लगातार दबाव डाला जा रहा था. उनके मुताबिक, अगर अधिकारियों को लगता था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई अपराध हुआ है, तो यादव को बाद में उनके परिवार के साथ रहने के दौरान हिरासत में लेने के बजाय तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए थी.
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#WATCH | Bihar: On the arrest of JJD leader Tej Pratap Yadav, Veena Manvi, JJD Bankipur by-election candidate, says, "I don't want to say anything. We've been tortured since the 13th. First, they (police) picked me on nomination day, then they picked him today. It seems like the… pic.twitter.com/IPI2APqsMW
हिरासत में लिए जाने से पहले तेज प्रताप यादव ने विरोध कर रहे छात्रों के प्रति अपना समर्थन दोहराया. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और सरकार से उनकी चिंताओं पर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने ये भी कहा कि वह युवाओं के आंदोलन में उनके साथ खड़े रहेंगे.
मेहनत की स्याही का जब हिसाब माँगा युवाओं ने तो कुर्सियों के गुरूर भी ज़मीन पर आ गिरे।
आज बिहार बंद के दौरान छात्रों के समर्थन में जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर युवा शक्ति के साथ सड़क पर उतरा ,बात चाहें दिल्ली के जंतर मंतर पर उमड़े जनसैलाब की हो या बिहार की…… pic.twitter.com/H7dkvGXtpo
ये गिरफ्तारी बिहार बंद के दौरान हुई झड़पों के बाद हुई. खबरों के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस बूथ को नुकसान पहुंचाया गया, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पथराव किया और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया. पटना में कई पुलिस वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई, जिसके बाद पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई.