जेएनयू में ‘रस्टिकेशन राज’ के खिलाफ एबीवीपी का जोरदार प्रदर्शन, CPO मैनुअल रद्द करने की मांग

जेएनयू में ABVP ने प्रशासन की दमनकारी नीतियों और ‘रस्टिकेशन राज’ के खिलाफ प्रदर्शन किया. परिषद ने CPO मैनुअल रद्द करने और छात्रों पर लगाए गए जुर्माने वापस लेने की मांग की.

JNU ABVP Protest

Credit: News24

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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, यानी JNU, एक बार फिर छात्र आंदोलन को लेकर चर्चा में है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जेएनयू यूनिट ने आज विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. ABVP का आरोप है कि प्रशासन छात्रों पर लगातार दबाव बना रहा है और ‘रस्टिकेशन राज’ के जरिए उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है. ABVP कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर से करीब 5 से 6 घंटे तक बातचीत की और कई सवाल उठाए. छात्रों ने खासतौर पर CPO मैनुअल को लेकर जवाब मांगा. ABVP का कहना है कि इस मैनुअल का इस्तेमाल अनुशासन के नाम पर छात्रों को डराने और आंदोलन को कुचलने के लिए किया जा रहा है.

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5 लाख रुपये का लगा जुर्माना

परिषद ने आरोप लगाया कि मौजूदा कार्यकाल में राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े छात्रों को खासतौर पर निशाना बनाया गया है. ABVP के मुताबिक, उसके कार्यकर्ताओं पर सामूहिक रूप से 5 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है, जो छात्रों के लिए बहुत बड़ा आर्थिक बोझ है. संगठन का कहना है कि इस तरह के फैसले छात्रों के करियर और भविष्य को नुकसान पहुंचाते हैं. ABVP ने ये भी कहा कि यूनिवर्सिटी में हॉस्टल और मेस की हालत खराब है. कई जगह बुनियादी सुविधाओं की कमी है, लेकिन इन मुद्दों पर प्रशासन चुप रहता है. जब छात्र अपनी समस्याएं उठाते हैं, तब उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर दी जाती है. परिषद का मानना है कि ये दोहरा रवैया बिल्कुल गलत है.

ABVP की चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान ABVP ने प्रशासन और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन के बीच मिलीभगत का भी आरोप लगाया. संगठन का कहना है कि जब तक बाकी छात्र संगठनों पर कार्रवाई नहीं हुई, तब तक इन जुर्मानों और रस्टिकेशन के खिलाफ कोई विरोध नहीं हुआ. ABVP ने साफ कहा कि उसका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वो किसी भी तरह की हिंसा या तोड़-फोड़ का समर्थन नहीं करता. परिषद का कहना है कि ये लड़ाई जेएनयू को एक ‘प्रशासनिक जेल’ बनने से बचाने के लिए है और इसका मकसद छात्रों और प्रशासन के बीच स्वस्थ संवाद कायम करना है. ABVP नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने CPO मैनुअल वापस नहीं लिया और छात्रों पर लगाए गए जुर्माने व रस्टिकेशन के आदेश रद्द नहीं किए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. संगठन ने कहा कि ये संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता.

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Varsha Sikri

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वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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