Tim David Question Usman Tariq's Bowling Action: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ी अक्सर किसी न किसी विवादों में घिरे रहते हैं. इंग्लैंड में खेले जा रहे द हंड्रेड 2026 में पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर एक बार फिर बवाल देखने को मिला. मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज टिम डेविड तारिक के एक्शन से सवाल उठाए, जिससे वह फिर से चर्चा में आए गए हैं.
आउट होने के बाद डेविड ने आपत्ति जताते हुए अंपायर से कहा कि तारिक की गेंद को नो-बॉल करार दिया जाना चाहिए था. हालांकि, अंपायर अपने फैसले पर कायम रहे और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा. यह पहली बार नहीं है जब उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठे हैं. इससे पहले भी पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) और इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका एक्शन विवादों में रह चुका है.
टिम डेविड ने उस्मान तारिक के एक्शन पर सवाल उठाए
दरअसल, द हंड्रेड 2026 में ट्रेंट रॉकेट्स और बर्मिंघम फीनिक्स के बीच खेले गए मुकाबले में टिम डेविड पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक की गेंद पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गए. पवेलियन लौटने से पहले डेविड ने नॉन स्ट्राइक पर खड़े अंपायर से नाराजगी जताई और इशारों में बताया कि गेंद नो-बॉल होनी चाहिए थी.
डेविड ने पहले रिव्यू की मांग भी की, लेकिन बाद में अपना इरादा बदल दिया. हालांकि, अंपायर ने उनकी आपत्ति को स्वीकार नहीं किया और अपना फैसला बरकरार रखा, जिससे डेविड को पवेलियन लौटना पड़ा.
पहले भी कई बार उठ चुके हैं सवाल
इससे पहले भी कई बार उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठ चुके हैं और उनका एक्शन लंबे समय से जांच के दायरे में रहा है. साल 2024 के पाकिस्तान सुपर लीग में अंपायर आसिफ याकूब और रिचर्ड इलिंगवर्थ ने उनके संदिग्ध एक्शन की रिपोर्ट मैच रेफरी को सौंपी थी. इसके बाद 2025 पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में भी ऑन-फील्ड अंपायरों ने दोबारा उनके एक्शन पर सवाल उठाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
इसी साल ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन ने भी तारिक के एक्शन पर आपत्ति जताई थी. आउट होने के बाद ग्रीन ने मैदान पर बेसबॉल थ्रो की नकल करते हुए इशारा किया था कि तारिक का एक्शन नियमों के अनुरूप नहीं है. अब डेविड के रिएक्शन के बाद यह विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है.
क्या कहते हैं MCC के नियम?
MCC (Marylebone Cricket Club) के लॉ 21.2 के अनुसार, गेंद तब तक फेयर मानी जाती है जब तक गेंदबाज उसे न फेंके. नियम के मुताबिक, गेंद फेंकते समय गेंदबाज की कोहनी कंधे की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद पूरी या आंशिक रूप से सीधी नहीं होनी चाहिए. किसी गेंद को फेंका गया है या नहीं, इसका फैसला मुख्य रूप से स्ट्राइकर एंड के अंपायर का होता है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर बॉलर एंड का अंपायर भी नो-बॉल का फैसला दे सकता है.
ICC से मिल चुका है क्लीन चिट
मैदान पर लगातार उठ रहे सवालों के बावजूद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) पहले ही उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन की जांच कर चुकी है. जांच के बाद आईसीसी ने उनके एक्शन को लीगल करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी जारी रखने की अनुमति दी थी. हालांकि, विरोधी बल्लेबाजों की आपत्तियां लगातार सामने आ रही हैं. टिम डेविड की ताजा शिकायत के बाद उस्मान तारिक का बॉलिंग एक्शन एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है.
Tim David Question Usman Tariq’s Bowling Action: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ी अक्सर किसी न किसी विवादों में घिरे रहते हैं. इंग्लैंड में खेले जा रहे द हंड्रेड 2026 में पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर एक बार फिर बवाल देखने को मिला. मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज टिम डेविड तारिक के एक्शन से सवाल उठाए, जिससे वह फिर से चर्चा में आए गए हैं.
आउट होने के बाद डेविड ने आपत्ति जताते हुए अंपायर से कहा कि तारिक की गेंद को नो-बॉल करार दिया जाना चाहिए था. हालांकि, अंपायर अपने फैसले पर कायम रहे और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा. यह पहली बार नहीं है जब उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठे हैं. इससे पहले भी पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) और इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका एक्शन विवादों में रह चुका है.
टिम डेविड ने उस्मान तारिक के एक्शन पर सवाल उठाए
दरअसल, द हंड्रेड 2026 में ट्रेंट रॉकेट्स और बर्मिंघम फीनिक्स के बीच खेले गए मुकाबले में टिम डेविड पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक की गेंद पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गए. पवेलियन लौटने से पहले डेविड ने नॉन स्ट्राइक पर खड़े अंपायर से नाराजगी जताई और इशारों में बताया कि गेंद नो-बॉल होनी चाहिए थी.
डेविड ने पहले रिव्यू की मांग भी की, लेकिन बाद में अपना इरादा बदल दिया. हालांकि, अंपायर ने उनकी आपत्ति को स्वीकार नहीं किया और अपना फैसला बरकरार रखा, जिससे डेविड को पवेलियन लौटना पड़ा.
पहले भी कई बार उठ चुके हैं सवाल
इससे पहले भी कई बार उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर सवाल उठ चुके हैं और उनका एक्शन लंबे समय से जांच के दायरे में रहा है. साल 2024 के पाकिस्तान सुपर लीग में अंपायर आसिफ याकूब और रिचर्ड इलिंगवर्थ ने उनके संदिग्ध एक्शन की रिपोर्ट मैच रेफरी को सौंपी थी. इसके बाद 2025 पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में भी ऑन-फील्ड अंपायरों ने दोबारा उनके एक्शन पर सवाल उठाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
इसी साल ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन ने भी तारिक के एक्शन पर आपत्ति जताई थी. आउट होने के बाद ग्रीन ने मैदान पर बेसबॉल थ्रो की नकल करते हुए इशारा किया था कि तारिक का एक्शन नियमों के अनुरूप नहीं है. अब डेविड के रिएक्शन के बाद यह विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है.
क्या कहते हैं MCC के नियम?
MCC (Marylebone Cricket Club) के लॉ 21.2 के अनुसार, गेंद तब तक फेयर मानी जाती है जब तक गेंदबाज उसे न फेंके. नियम के मुताबिक, गेंद फेंकते समय गेंदबाज की कोहनी कंधे की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद पूरी या आंशिक रूप से सीधी नहीं होनी चाहिए. किसी गेंद को फेंका गया है या नहीं, इसका फैसला मुख्य रूप से स्ट्राइकर एंड के अंपायर का होता है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर बॉलर एंड का अंपायर भी नो-बॉल का फैसला दे सकता है.
ICC से मिल चुका है क्लीन चिट
मैदान पर लगातार उठ रहे सवालों के बावजूद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) पहले ही उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन की जांच कर चुकी है. जांच के बाद आईसीसी ने उनके एक्शन को लीगल करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी जारी रखने की अनुमति दी थी. हालांकि, विरोधी बल्लेबाजों की आपत्तियां लगातार सामने आ रही हैं. टिम डेविड की ताजा शिकायत के बाद उस्मान तारिक का बॉलिंग एक्शन एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है.