Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जब 31 जुलाई का दिन शुरू हुआ, तो इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत ने कभी गोल्ड मेडल नहीं जीता था. हालांकि दिन खत्म होने से पहले अस्मिता डे ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने फाइनल में कनाडा की हेडी काच को हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया. अस्मिता डे ने क्वार्टर फाइनल से लेकर फाइनल तक धमाकेदार प्रदर्शन किया. इसी के साथ भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में चौथा गोल्ड मेडल भी जीत लिया है.
अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स में किया कमाल
जूडो के खेल में भारत ने अपना दबदबा साबित कर दिया है. महिला 48 किलोग्राम जूडो में भारत की अस्मिता डे ने बहुत ही कमाल का प्रदर्शन किया. फाइनल मुकाबले में कनाडा की हेडी काच ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी. पहले हेडी ने 1-0 की लीड भी हासिल कर ली थी. हालांकि अस्मिता उसके बाद दबाव में नहीं आई और पलटवार किया. जिसके कारण ही 4 मिनट का खेल खत्म होने तक स्कोर 1-1 रहा.
जिसके कारण ही मैच सडेन डेथ में चला गया. जहां पर जो पहला अंक जीतता है, उसे ही विजेता घोषित किया जाता है. सडेन डेथ में अस्मिता डे ने कमाल करते हुए पहला अंक जीता. उसी के साथ उन्होंने 2-1 से फाइनल भी जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. अस्मिता कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में गोल्ड मेडल जीतने वाली जूडो की पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं.
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जूडो में भारत ने इससे पहले जीते थे 11 मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स में इससे पहले भारत ने 11 मेडल जीते थे. जिसमें 5 सिल्वर और 6 ब्रांज मेडल थे. हालांकि अब अस्मिता डे गोल्ड भी इस लिस्ट में डाल दिया है. अस्मिता डे ने सेमीफाइनल मुकाबले में स्कॉटलैंड के समर शॉ को हराया था. उससे पहले उन्होंने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्कॉटलैंड की ही इवा इविंग को हराया था. इन दोनों ही मुकाबलों में अस्मिता ने अपना दम दिखाया था. इन मैचों में अस्मिता ने बहुत ही आक्रामक अंदाज में खेला था. जिसके कारण ही गोल्ड मेडल जीतने के बाद वो भारत में जूडो की पोस्टर गर्ल बन गई हैं.
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