नीरज चोपड़ा जैसा कमाल! 10 साल का सूखा खत्म कर आशीष यादव ने U20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में रचा इतिहास
आशीष यादव ने 2026 वर्ल्ड एथलेटिक्स U-20 चैंपियनशिप में जैवलिन थ्रो में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. 2016 में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीता था. अब 10 साल बाद आशीष ने बड़ा कारनामा किया है.
Written By: Pankaj Joshi|Updated: Aug 8, 2026 10:28
Edited By : Pankaj Joshi|Updated: Aug 8, 2026 10:28
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Ashish Yadav Wins Silver: भारतीय फैंस के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है. आशीष यादव ने ओरेगन में मेंस के जैवलिन थ्रो में सिल्वर मेडल जीतकर 2026 वर्ल्ड एथलेटिक्स U-20 चैंपियनशिप में भारत के लिए पहला पदक हासिल किया है. आशीष ने अपने करियर में इतिहास रचा. उनसे पहले से ही मेडल की उम्मीद की जा रही थी. उन्होंने किसी को भी निराश नहीं किया. हालांकि, वो गोल्ड से चूक गए.
साउथ अफ्रीकी एथलीट ने जीता गोल्ड
आशीष यादव ने अपने प्रदर्शन से सभी का दिल जीता. उन्होंने फाइनल में अपनी तीसरे थ्रो में 74.09 मीटर की दूरी तय करके पोडियम में अपनी जगह पक्की की. साउथ अफ्रीका के जॉन-हेंड्रिक हेमैंस ने ओरेगन में 80.50 मीटर का जबरदस्त थ्रो किया. उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया. ये इस सीजन में किसी भी एथलीट का सबसे बेस्ट थ्रो रहा. हेमैंस ने अपने पहले ही थ्रो में बढ़त बना ली थी. उन्होंने हर राउंड में बढ़त बनाई और अंत में अपने करियर में 80 मीटर से ज्यादा का थ्रो किया.
आशीष यादव की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी. अपने पहले दो थ्रो में वो 70 मीटर की दूरी भी पार नहीं कर पाए थे. तीसरे थ्रो में उन्होंने अपना दम दिखाया और लय हासिल की. उन्होंने करियर का सबसे बड़ा मेडल हासिल किया. एडिसन जेम्स ने 73.89 मीटर का थ्रो फेंककर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. आपको बता दें, U-20 चैंपियनशिप में 2016 में भारतीय स्टार नीरज चोपड़ा ने गोल्ड जीता था. इसके बाद अब आशीष मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं. नीरज ने बिडगोस्जक में 86.48 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड जीता. उन्होंने एक वर्ल्ड U-20 रिकॉर्ड बनाया. इस रिकॉर्ड को आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है.
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धरणीधरन का भी शानदार प्रदर्शन
जैवलिन थ्रो में अब तगड़े एथलीट सामने आ रहे हैं. नीरज चोपड़ा ने हाल ही में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था. उनकी लैगेसी को अब आगे बढ़ाय जा रहा है. आशीष यादव ने सिल्वर जीता. वहीं धरणीधरन 6वें नंबर पर रहे. इससे संकेत मिलता है कि दुनिया भर में प्रसिद्ध इस इवेंट में जूनियर लेवल पर भी भारत का तगड़ा प्रतिनिधित्व जारी है.