वैभव सूर्यवंशी के टीम इंडिया में सिलेक्शन पर इमोशनल हुए पिता, बेटे के लिए कही बड़ी बात
Team India: सिर्फ 13 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी आईपीएल ऑक्शन में बिके थे. जिसके बाद 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने आईपीएल डेब्यू किया. अब सिर्फ 15 वर्ष की उम्र में वो अब सुपरस्टार बन गए हैं. जिसके कारण ही छोटी उम्र में ही उन्हें अब टीम इंडिया में मौका मिल गया है.
Team India: आयरलैंड- इंग्लैंड और एशियन गेम्स 2026 के लिए इंडिया की टी-20 टीम का ऐलान कर दिया गया है. जिसमें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को भी टीम इंडिया में जगह मिली है. आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए कमाल का प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी अब सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल टीम में सिलेक्ट होने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं. अपने बेटे की इस सफलता को देखकर उनके पिता संजीव सूर्यवंशी भी इमोशनल हो गए हैं. उन्होंने अपने बेटे के लिए बड़ी बात कही है.
वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में जगह मिलने पर बोले पिता
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में मौका मिल गया है. जिससे साफ हो गया है कि बीसीसीआई उन्हें आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2028 और ओलंपिक 2028 के लिए देख रही है. बहुत ही कम उम्र में सिलेक्ट होने के बाद उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा, ‘आज हम सब बहुत खुश हैं. सिर्फ हमारा परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा इलाका इस कामयाबी से झूम रहा है. बच्चे ने दिन-रात जिस चीज के लिए जी तोड़ मेहनत की थी. उस मेहनत का मीठा फल मिला. उसे देश के लिए खेलने का सौभाग्य मिला है. जो किसी भी खिलाड़ी और उसके परिवार के लिए सबसे बड़ा सपना होता है.’
अपने बेटे को लेकर सपना बताते हुए वैभव सूर्यवंशी ने कहा, ‘ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वैभव देश के लिए खूब मैच खेले और खूब रन बनाए. उसका हर एक रन और उसका प्रदर्शन देश के काम आना चाहिए. एक पिता के नाते मेरी यही इच्छा और सपना है कि वह मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ दे. वह अच्छा खेलता ही है लेकिन मैं चाहता हूं कि वह कड़ी मेहनत करे. अपनी बल्लेबाजी से देश को ढेरों मैच और वर्ल्ड कप जिताए.’
THE BCCI WILL ALLOW VAIBHAV SOORYAVANSHI’S PARENTS TO JOIN HIM FOR ENGLAND AND IRELAND TOUR.
आज के समय में पूरे देश की नजरें वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हुई हैं. सभी मौजूदा समय में उनके पिता को सारा श्रेय दे रहे हैं. ऐसे समय में उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहा, ‘वैभव को इस मुकाम तक लाने में कई लोगों का योगदान रहा है. समस्तीपुर से लेकर पटना तक जिन-जिन कोच और गुरुओं ने उसकी प्रतिभा को पहचाना और उसे निखारा है. उन सभी को मेरा सादर प्रणाम. उन सभी की कृपा, सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत की बदौलत ही वैभव आज इस मुकाम पर पहुंच सका है.’
Team India: आयरलैंड- इंग्लैंड और एशियन गेम्स 2026 के लिए इंडिया की टी-20 टीम का ऐलान कर दिया गया है. जिसमें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को भी टीम इंडिया में जगह मिली है. आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए कमाल का प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी अब सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल टीम में सिलेक्ट होने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं. अपने बेटे की इस सफलता को देखकर उनके पिता संजीव सूर्यवंशी भी इमोशनल हो गए हैं. उन्होंने अपने बेटे के लिए बड़ी बात कही है.
वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में जगह मिलने पर बोले पिता
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में मौका मिल गया है. जिससे साफ हो गया है कि बीसीसीआई उन्हें आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2028 और ओलंपिक 2028 के लिए देख रही है. बहुत ही कम उम्र में सिलेक्ट होने के बाद उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा, ‘आज हम सब बहुत खुश हैं. सिर्फ हमारा परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा इलाका इस कामयाबी से झूम रहा है. बच्चे ने दिन-रात जिस चीज के लिए जी तोड़ मेहनत की थी. उस मेहनत का मीठा फल मिला. उसे देश के लिए खेलने का सौभाग्य मिला है. जो किसी भी खिलाड़ी और उसके परिवार के लिए सबसे बड़ा सपना होता है.’
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अपने बेटे को लेकर सपना बताते हुए वैभव सूर्यवंशी ने कहा, ‘ईश्वर से यही प्रार्थना है कि वैभव देश के लिए खूब मैच खेले और खूब रन बनाए. उसका हर एक रन और उसका प्रदर्शन देश के काम आना चाहिए. एक पिता के नाते मेरी यही इच्छा और सपना है कि वह मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ दे. वह अच्छा खेलता ही है लेकिन मैं चाहता हूं कि वह कड़ी मेहनत करे. अपनी बल्लेबाजी से देश को ढेरों मैच और वर्ल्ड कप जिताए.’
THE BCCI WILL ALLOW VAIBHAV SOORYAVANSHI’S PARENTS TO JOIN HIM FOR ENGLAND AND IRELAND TOUR.
आज के समय में पूरे देश की नजरें वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हुई हैं. सभी मौजूदा समय में उनके पिता को सारा श्रेय दे रहे हैं. ऐसे समय में उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने कहा, ‘वैभव को इस मुकाम तक लाने में कई लोगों का योगदान रहा है. समस्तीपुर से लेकर पटना तक जिन-जिन कोच और गुरुओं ने उसकी प्रतिभा को पहचाना और उसे निखारा है. उन सभी को मेरा सादर प्रणाम. उन सभी की कृपा, सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत की बदौलत ही वैभव आज इस मुकाम पर पहुंच सका है.’